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अंचल में शामिल नहीं, फिर भी बन गए सैकड़ों सर्टिफिकेट

3 वर्ष पहले
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भवनाथपुर से अलग होकर कांडी प्रखंड में शामिल एक बड़ी आबादी अजीबोगरीब तिलिस्म का शिकार होकर रह गई है। करीब 25 हजार की संख्या में लोग समझ नहीं पा रहे कि वे क्या करें - कहां जाएं। बरस भर पहले भवनाथपुर का हरिहरपुर, मझिगांवा व डुमरसोता पंचायत कांडी में शामिल हो गया। प्रखंड का काम कांडी से होने लगा। लेकिन अंचल कार्यालय से संबंधित कार्यों के लिए उन्हें कांडी अंचल से भवनाथपुर अंचल जाने का फरमान सुना दिया जाता है। यहां तक तो लोग जान गए हैं। वे भरसक भवनाथपुर अंचल में ही जाने का प्रयास करते हैं। लेकिन वे तब और ज्यादा फंस जाते हैं जब कुछ लोगों का कांडी अंचल से ही प्रमाण पत्र बन जाता है। ऐसी स्थिति में वाद विवाद से शुरू होकर मामला झगड़ा झंझट तक पहुंच जा रहा है। अधिकारी अभी तीनों पंचायतों का काम कांडी में शुरू करने का सरकारी आदेश नहीं हुआ है कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। लेकिन दूसरी तरफ सैकड़ों लोगों का सर्टिफिकेट आखिर बना कैसे।

कांडी अंचल से बना है सर्टिफिकेट : कुछ दिन पहले कांडी अंचल कार्यालय से हल्का नंबर एक में शामिल हरिहरपुर, मझिगांवा व डुमरसोता के लोगों का साढ़े चार सौ आय व निवास प्रमाण पत्र बनाया गया है। जो इन दिनों डिलिवर हो रहा है। दारीदह गांव पंचायत डुमरसोता के सुनील चौधरी के कास्ट सर्टिफिकेट का रजिस्ट्रेशन नंबर जेएचसीसी/2018/166565 व यहीं के करण चौधरी का स्थानीय निवास संख्या जेएचआरसी/2018/58009 व सैकड़ों अन्य को देखा जा सकता है। जब इन तीनों पंचायतों का अंचल कार्यालय कांडी में काम ही नहीं कर रहा तो यहां से प्रमाण पत्र बना कैसे।

अनदेखी

भवनाथपुर का हरिहरपुर, मझिगांवा व डुमरसोता पंचायत कांडी में शामिल हो गया, लेकिन नहीं होता कोई काम

सरकार ही कर सकती है अंचल में शामिल

हरिहर पुर, मझिगांवा व डुमरसोता - इन तीन पंचायतों को भवनाथपुर अंचल से अलग कर कांडी अंचल में शामिल करने का काम राज्य सरकार के स्तर का है। कैबिनेट की बैठक में पारित करने के बाद राजस्व व भूमि सुधार तथा वित्त विभाग की मंजूरी के पश्चात ही कार्मिक विभाग से अधिसूचना जारी की जा सकती है। बावजूद इसके इन सारी कवायदों के बगैर कांडी अंचल से 450 प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।

ऑनलाइन कुछ रिपोर्ट कर दी गई थी: राजेश

कांडी अंचल हल्का नंबर एक के राजस्व कर्मचारी‎ राजेश त्रिपाठी ने कहा कि ऑनलाइन कुछ रिपोर्ट‎ कर दी गई थी। लेकिन जानकारी होने पर रोक दी गई।

राजस्व संबंधी दस्तावेज नहीं भेजा गया

अभी तक भवनाथपुर अंचल से संबंधित पंचायतों का राजस्व संबंधी दस्तावेज भेजा ही नहीं गया है। उसके बिना प्रमाण पत्र नहीं बन सकता।

प्रमाण पत्र नहीं बनने से हो रही परेशानी

ग्रामीण श्रवण मेहता, राममणि तिवारी, सत्येंद्र दुबे सहित काफी संख्या में लोगों ने कहा कि उन्हें प्रमाण पत्र बनने से नहीं, बनना बंद हो जाने से तकलीफ है।

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