कांडी प्रखंड क्षेत्र के हरिहरपुर से केतार के पाचाडूमर भाया कधवन तक बन रही पक्की सड़क में बड़े पैमाने पर ली गई किसानों की जमीन का अभी तक मुआवजा नहीं मिला। सड़क निर्माण के लिए दो वर्ष पहले ही जमीन अधिग्रहित की गई थी। सड़क के चौड़ीकरण के लिए हरिहरपुर, डगर, लोहरगाड़ा, मेरौनी, कोशडीहरा आदि गांवों से होकर उक्त सड़क गुजरती है। इसमें कई किसानों की उपजाऊ जमीन सड़क में चली गई। इस जमीन में केवल कॉमर्शियल क्रॉप - जैसे मिर्चा, मूंगफली, अरहर आदि की प्रचूर मात्रा में पैदावार होती है। इसका अच्छा खासा भाग सड़क बनाने के नाम पर मुआवजा का आश्वासन देकर मुफ्त में ले लिया गया। जिससे उनकी पैदावार भी गई और मुआवजा भी नहीं मिला।
मालूम हो कि इस सड़क का निर्माण कार्य दो वर्ष पहले शुरू हुआ था। तब से लेकर आज तक सरकार का आरसीडी व भू-अर्जन विभाग दो कदम भी आगे नहीं बढ़ पाया है। स्पष्ट है कि उक्त सड़क में ली गई जमीन के मुआवजे का भुगतान विभागीय लापरवाही के कारण लटक गया है। जिला भू-अर्जन विभाग अभी तक किसकी कितनी संपत्ति का नुकसान होगा इसे ही चिन्हित नहीं कर सका है। विभागीय और प्रशासनिक शिथिलता के कारण गांव में घनी बस्ती के बीच का अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। इस कारण हरिहरपुर गांव की संकरी गली में सड़क निर्माण का कार्य ठप पड़ा हुआ है। घनी बस्ती होने से ठेकेदार व विभागीय पदाधिकारी बवाल होने के डर से पीछे हट रहे हैं। मुख्य बस्ती में पीसीसी सड़क बनाई जानी है। जो फिलवक्त लंबित है। सड़क निर्माण शुरु होने के बाद संवेदक की ओर से बिना मुआवजा भुगतान कराए घर गिराने से लोगों ने मना कर दिया था। इस मामले को लेकर हरिहरपुर में धरना प्रदर्शन व आमरण अनशन जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाए जा चुके हैं। उस मौके पर तत्कालीन एसडीओ बंशीधर नगर राजेश साह की ओर से पहले मुआवजा भुगतान करने के बाद जमीन अधिग्रहण करने का आश्वासन दिया गया था। अब ग्रामीणों को आशंका है कि सोन नदी के किनारे कई लोगों की उपजाऊ जमीन को बालू - पानी बताकर उन्हें मुआवजा से वंचित किया जा सकता है।
स्थानीय किसान राजकुमार सिंह, प्रभाकर शुक्ला, नंद शुक्ला, रामनाथ राम, छोटन चंद्रवंशी, नंदू साह सहित कई लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि मुआवजा भुगतान में विभाग देरी कर रहा है। कहा कि अभी तक यह भी नहीं बताया गया कि किस व्यक्ति को कितनी जमीन का नुकसान हुआ। उसे किस दर से मुआवजा दिया जाएगा।
हरिहरपुर गांव की संकरी गली।
मुआवजा के सवाल पर आक्रोशित ग्रामीण।
सड़क निर्माण के लिए 100 एकड़ जमीन ली गई है
सड़क निर्माण के लिए हरिहरपुर गांव की 21 एकड़, डगर गांव की चार एकड़ व लोहरगाड़ा, मेरौनी सहित अन्य गांवों को मिलाकर करीब एक सौ एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है। बावजूद इसके मुआवजा भुगतान को लेकर विभाग बिल्कुल सुस्त पड़ा हुआ है।
नए भू अर्जन कानून से देय है मुआवजा
नए भू अर्जन कानून के तहत जमीन के बाजार मूल्य का चार गुना व मकान का आठ गुना मुआवजा देय है। वहीं ली जा रही जमीन में मिर्च का एक पौधा भी है तो उसका निर्धारित मुआवजा देना होगा।