10 से 20 किमी की दूरी तय कर स्कूल जाने को मजबूर हैं पारा शिक्षक
पारा शिक्षकों का कहना है कि चयन के समय तबादले का नहीं था कोई प्रावधान
भास्कर न्यूज | कांडी
कांडी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत पारा शिक्षकों का कुछ माह पहले अंतर पंचायत ट्रांस्फर कर दिया गया था। इनमें कई शिक्षकों का काफी दूरी पर अवस्थित स्कूलों में भेजा गया है। उन्होंने काफी आरजू विनती की कि उन्हें इतनी दूर नहीं भेजा जाए। वैसे भी जब पारा शिक्षकों का चयन किया गया था तो उसमें बदली की शर्त शामिल नहीं थी।
बदली भी ऐसी कि उत्क्रमित मवि देव डीह के पारा शिक्षक अनिल कुमार सिंह को उनके गांव से सात किमी दूर उत्क्रमित उवि चोका भेज दिया गया। वहीं प्रावि पतीला से सत्येंद्र कुमार की बदली छह किमी दूर अधौरा उत्क्रमित मवि में कर दिया गया। जबकि राजकीय मवि राणाडीह से अरुण कुमार मेहता को छह किमी दूर उत्क्रमित मवि अधौरा स्थानांतरित कर दिया गया। हद तो तब हो गई जब उत्क्रमित उवि बरवाडीह के शिक्षक नंदलाल मेहता को 20 किमी दूर उत्क्रमित उवि चटनियां के लिए रुख्सत कर दिया गया। अपनी व परिजनों की बीमारी का लाख हवाला देते हुए नंदलाल महीनों तक कई दहलीज पर सिर पटकते रहे। बावजूद इसके उन्हें मूल विद्यालय में वापस नहीं कर उत्क्रमित उवि बलियारी जाने का फरमान धरा दिया गया। इसी तरह प्रखंड क्षेत्र के 26 पारा शिक्षकों की बदली की गई थी।
राजनीतिक दबाव में बरडीहा क्षेत्र के स्कूलों में लागू ही नहीं किया गया
मामला और भी खास तब हो जाता है कि कुछ पारा शिक्षकों ने जायज कारणों का हवाला देकर उनकी बदली का लाख अनुरोध किया लेकिन इसकी सुनवाई नहीं की गई। हालांकि बीमारी और घरेलू विवाद का हवाला देने वाले दो शिक्षकों के लिए प्रखंड शिक्षा समिति की विशेष बैठक बुलाकर उन्हें उनके मूल विद्यालय में वापस कर दिया गया। इधर बरडीहा प्रखंड क्षेत्र के स्कूलों में कार्यरत पारा शिक्षकों की बदली के फरमान को राजनीतिक दबाव में लागू ही नहीं किया गया।