कनीना | कनीना कस्बे स्थित गोविन्दी बाई आश्रम में रह रही 85 वर्षीय साध्वी मूर्ति देवी ने अपना मानव चोला छोड़ भगवान की शरण ली। आश्रम के सेवक लाजपत गुप्ता, छविलचंद गुप्ता, विद्या देवी व संध्या देवी आदि ने बताया कि बीमारी के चलते समाजसेवी साध्वी मूर्ति देवी को जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां पर उन्होंने उपचार के दौरान अपना मानव चोला छोड़ भगवान की शरण ली। साध्वी मूर्ति देवी की अंतिम यात्रा कस्बे में निकाली गई तथा इसके पश्चात की बाबालाल गिरी के स्थान पर उनको समाधि दी गई। उनकी अंतिम यात्रा में मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल, वरिष्ठ समाजसेवी भाई भगत सिंह, राव बलवान सिंह, आर्य, दीपचन्द, मास्टर अत्तर सिंह, लाजपत सेठ, जगदीश सिंह, मास्टर सतेन्द्र, अशोक यादव पार्षद, पालिका पार्षद मंजू यादव मास्टर प्रदीप कुमार, महाबीर प्रशाद, राजेन्द्र जांगड़ा, रविन्द्र बंसल, शिवकुमार, विद्यादेवी, संध्या देवी, मनीषा यादव, धनपति देवी, चन्द्रवती देवी, लाडो देवी के अलावा कस्बे व क्षेत्र के हजारों लोग शामिल हुए।