नरहरपुर| स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में देश में बेस्ट सिटीजन फीडबैक बनने वाला कांकेर जिला का छोटा सा कस्बा आज पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवांवित कर रहा है। लेकिन नरहरपुर की यह कामयाबी उसके पूरे नगरवासियों की कड़ी मेहनत है। जिसमें उन्होंने अपने कस्बे को स्वच्छ बनाने हर संभव प्रयास किया। और बाजी मार ली। इसकी खबर जब नगर में पहुंची तो नगरवासी खुशी से झूम उठे।
सर्वेक्षण टीम जब नहरपुर पहुंची थी तब अधिकांश नगर वासियों से इसकी जानकारी ली गई थी। टीम को सफाई के प्रति सभी के जवाब संतोषप्रद मिले। नगर भी काफी साफ सुथरा दिखा। कहीं गंदगी का नामो निशान नहीं था। निकाय के 9 कर्मचारियों के अलावा डोर टू डोर कचरा जमा करने वाली महिला समूह के 11 सदस्य दिन रात इसमें जुटे रहे। नगर में साफ सफाई व्यवस्था को लेकर डोर टू डोर गिला कचरा, एवं सूखा कचरा का कलेक्शन महिला समूहो के माध्यम से प्रतिदिन सभी वार्डो में किया जा रहा है। इसके साथ ही नगर के सभी घरो में गीला कचरा एवं सूखा कचरा कलेक्शन के लिए अलग अलग डस्टबिन मौजूद है। लोगों को प्रेरित करने नगर पंचायत ने अभियान भी चलाया था।
सेंटर में कचरों को अलग कर ली जा रही आमदनी
सर्वेक्षण टीम को यहां की यह बात भी अच्छी लगी कि सूखा कचरा से महिला समूह आमदनी भी कर रही है। समूह की महिलाओं द्वारा एसएलआरएम सेन्टर में कचरों की छंटाई की जाती है। गीले कचरे को खाद बनाने के उपयोग में लाया जाता है। जबकि सूखे कचरे से मिले पुट्ठे, कार्टून, रद्दी पेपर, लोहा की बिक्री की कर उससे आमदनी ली जाती है।