अंबेडकर जयंती पर निकाली बाइक रैली, शोभायात्रा 17 को निकलेगी
सर्व अनुसूचित जाति, बौद्घ महासभा तथा डा अंबेडकर स्मारक समिति के तत्वाधान में आंबेडकर जयंती मनाई गई। तीन दिन बाद 17 अप्रैल को आंबेडकर जयंती महोत्सव मनाया जाएगा जिसमें मुख्यमंत्री रमन सिंह भी शामिल होंगे। पदाधिकारियों ने समाजजनों को जानकारी देते कार्यक्रम की तैयारियों में जुटने कहा।
आंबेडकर जयंती पर सुबह 10 बजे सामाजिक भवन में त्रिशरण पंचशील वंदना की गई। इसके बाद नीले झंडों के साथ शहर में बाइक रैली निकाली गई। शहर का भ्रमण के बाद रैली स्टेट बैंक के पास आंबेडकर प्रतिमा स्थल पहुंची, जहां डा आंबेडकर की पूजा कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। दोपहर 3 बजे समाज के युवाओं ने जिला अस्पताल में मरीजों को फल वितरण किया। शाम 6 सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में बौद्घ महासभा जिलाध्यक्ष बीआर नायक, आंबेडकर स्मारक समिति अध्यक्ष विश्वेश्वर मेश्राम, मिथलेश मेश्राम, सचिव बीरबल गढ़पाले, महेश गटकरी, अशोक उके, भाजपा अनुसूचित जाति अध्यक्ष जयप्रकाश गेड़ाम, युवा कांग्रेस प्रांतीय उपाध्यक्ष चाकेश्वर गढ़पाले, दिनेश नागदौने, वेणु सुखदेवे, राधेश्याम गनवीर, पवन गढ़पाले, संदीप लोंहारे, देवेंद्र मेश्राम, सुरेश रामटेके शामिल हुए।
17 अप्रैल को निकलेगी शोभायात्रा: 17 अप्रैल को सर्व अनुसूचित जाति समाज एवं बौद्घ महासभा आंबेडकर जयंती महोत्सव मनाएगा। इस दिन शोभायात्रा दोपहर 1 बजे कृषि उपज मंडी प्रांगण से निकलेगी तथा नरहरदेव मैदान पहुंचेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रमन सिंह शामिल होंगे तथा अध्यक्षता शिक्षामंत्री केदार कश्यप करेंगे।
बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने का ग्रामीणों ने लिया संकल्प
बड़गांव| बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 127 वीं जयंती पर ग्राम बड़गांव में 7 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण एकत्र हुए। डॉ आंबेडकर के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ग्रामीणों को बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने की संकल्प दिलाई गई। कोयलीबेड़ा जनपद पंचायत के बीएल चक्रधारी, उपसरपंच अमृत लाल नाग, नरसिंग खुड़श्याम, निरंगु राम तुलावी ने बताया डॉ. आंबेडकर किस तरह सामाजिक मूल्यों को बनाए रखने संविधान में व्यवस्था बनाई। महिलाओं को समाज में समानता का अधिकार के साथ साथ उन्हें शिक्षा, नौकरियों में 12 घंटे के समय को कम कर 8 घंटे की समय सीमा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। महिलाओं को मातृत्व अवकाश के साथ पुरुषों के बराबरी दर्जा देने का श्रेय भी बाबा साहेब को जाता है।
भानुप्रतापपुर। समाजजनों द्वारा नगर में निकाली गई रैली।
अंबेडकर जयंती पर नगर में खोला प्याऊ
नरहरपुर| अंबेडकर जयंती पर नगर में सार्वजनिक प्याऊ की शुरुआत की गई। पार्षद मुकेश संचेती द्वारा ग्रीन क्लीन सिटी की 11 महिलाओं व शव का पोस्टमार्टम करने वाली संतोषी दुर्गा का शाल व श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने कहा डॉ. आंबेडकर को डॉ. बाबा साहेब के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने भारत के संविधान को बनाने में अपना योगदान दिया। वे जाने माने राजनेता व प्रख्यात विधिवेत्ता थे। देश में छुआछूत, जातिवाद को मिटाने के लिए आंदोलन किया। दलित व पिछड़ी जाति के हक के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। अपने अच्छे काम व देश के लिए बहुत कुछ करने के लिए अंबेडकर को 1990 में देश के सबसे बड़े सम्मान भारत र| से नवाजा गया।