हल्दी की रस्म अदा की, आज होगा गुड्डे-गुड्डियों का विवाह
18 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर्व पर बच्चे गुड्डे गुड्डियों की शादी रचाएंगे। पर्व के दो तीन दिन पहले से ही बच्चे गुड्डे गुड्डियों की शादी रचाने तैयारियों में जुट गए हैं। बाजार में मिट्टी के बने गुड्डे गुड्डियां बिकने पहुंचे हैं।
भंडारीपारा के पत्थर्रीपारा में बच्चों ने गुड्डे गुड्डियों की शादी पर तीन दिन का आयोजन रखा है। यहां शादी की सभी रस्मों का निर्वहन किया जाता है। यहां बच्चों ने मंडप भी तैयार कर लिया है। चुलमाटी से मिट्टी लाई गई, दूसरे दिन चिकट की रस्म अदा करते हल्दी खेली गई। बच्चों ने गाजे बाजे का भी इंतजाम किया तथा जमकर नृत्य किया। शादी में बच्चों के साथ बड़ो ने भी जमकर नृत्य किया।
18 अप्रैल को दोपहर बच्चे बारात निकालेंगे और शाम को टिकावन की रस्म होगी। शादी के लिए दुल्हन का घर सीमा ठाकुर तो ईश्वर पटेल के घर को दुल्हा का घर बनाया गया है। आयोजन के लिए सभी 50 परिवारों ने 60-60 रुपए तथा एक-एक सेर चावल सहयोग किया है। टिकावन के बाद सभी के लिए सामूहिक भोज का भी आयोजन होगा। बच्चों ने सभी घरो में चावल, हल्दी देकर आमंत्रित किया। बच्चों के साथ तैयारी करा रही श्याामा यादव, राकेश ठाकुर, अघनतीन रजक, योगिता यादव ने कहा यहां हर साल बच्चे तीन दिन का आयोजन करते हैं। इस दौरान माहौल खुशनुमा हो जाता है तथा वार्ड में एकता की भावना विकसित होती है। मोनिका मंडावी, संध्या मंडावी, दिव्या यादव, पूर्णिमा यादव, चेतन पटेल, भवेश, दिनेश यादव, शंकर यादव, पंचुराम यादव, शशांक मरकाम आदी आयोजन की तैयारियों में जुटे रहे।
अक्षय तृतीया
भंडारीपारा के पत्थर्रीपारा में बच्चों ने गुड्डे-गुड्डियों की शादी पर तीन दिन का आयोजन रखा
कांकेर। हल्दी की रस्म अदा करने के बाद नृत्य करते बच्चे।
परशुराम जयंती भी मनाई जाएगी, घड़ा भी दान करेंगे
18 अप्रैल को परशुराम जयंती भी मनाई जाएगी। मंदिर में लोग मिट्टी का घड़ा व आम फल दान करते हैं। हिंदू समुदाय के लोग मृत परिजनों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते पानी भी देते हैं।