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बजट नहीं मिलने से बालिका छात्रावास का निर्माण कार्य तीन साल पिछड़ गया

3 वर्ष पहले
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कांकेर| ग्राम पंचायत कोदाभाठ में 2014 में 84 लाख रुपए की लागत से 50 सीटर पिछड़ा वर्ग बालिका पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन बनने की स्वीकृति मिली। निविदा निकलने पर ठेकेदार द्वारा काम शुरू कराया गया। 25 प्रतिशत काम कराए जाने के बाद भी ठेकेदार को राशि का भुगतान शासन से नहीं किया गया, जिसके चलते ठेकेदार ने काम बंद कर दिया।

इसके चलते 10 माह में बनने वाला छात्रावास तीन साल बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण का पूरा काम आदिम जाति विभाग को करना था लेकिन आबंटन नहीं मिलने से काम पूरा नहीं हो पाया। काम बंद होने से कई बार भवन से राड की चोरी हो चुकी है और ईट को असमाजिक तत्वों ने गिरा दिया है। निविदा के बाद ठेकेदार द्वारा काम शुरू किया गया। उसके द्वारा निर्माण में 24 लाख रुपए खर्च किया गया, लेकिन इसका पैसा उसे अब मिला है। शासन से 84 लाख रुपए का बजट मार्च माह में आदिम जाति विभाग को मिला है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। ठेकेदार ने काम करने से मना कर दिया है, क्योंकि भवन निर्माण की लागत राशि पहले की अपेक्षा बढ़ चुकी है। ठेकेदार रूपेश्वर सिंह ठाकुर ने कहा बजट तो आ गया है लेकिन अब पहले की अपेक्षा निर्माण सामग्री की लागत राशि बढ़ चुकी है।

कांकेर सहायक आयुक्त केपी धु्रव ने कहा बालिका हास्टल का बजट शासन से मिल चुका है। पहले आबंटन नहीं मिलने से हास्टल भवन बनाने में दिक्कत हुई।

कांकेर। तीन साल से अधूरा पड़ा है छात्रावास भवन।

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