अंतागढ़ विकासखंड के गांव कुरसेल में रावघाट रेल लाइन का ग्रामीणों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। खेत व घर तो रेल लाइन में चले गए। उल्टे अब उन्हें पेयजल जैसी समस्या का पिछले तीन सालों से सामना करना पड़ रहा है। हालात एेसे हैं कि उन्हें दूर दराज बने झरिया नुमा छोटे छोटे कुओं से पानी लाना पड़ रहा है। जबकि इसके पूर्व उन्हें इस तरह की कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा था।
समस्या के निदान के लिए के ग्राम पंचायत गोंडबिना पाल के आश्रित गांव कुरसेल के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया उनके गांव से रेल लाइन गई है। जिसका काम चल रहा है। इसके लिए उन्हें साल 2015 में गांव से हटा दिया गया है। अब वे इसी गांव के नए बसाहट कुसुमपारा में रहते हैं। जहां पेयजल के लिए कोई सुविधा नहीं है।
इसके चलते उन्हें यहां से एक किमी दूर नदी नालों में बने झरिया तथा कुओं से पानी लाना पड़ता है। जिसमें काफी मेहनत लगती है और मानसिक रूप से परेशानी भी होती है। मवेशियों के लिए भी पेयजल का संकट आ गया है। जैसे जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है पेयजल के परंपरागत स्रोत भी सूखते जा रहे हैं। गर्मी में पेयजल का संकट आ जाता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि कुसुमपारा में तत्काल हैंडपंप लगा कर ग्रामीणों की समस्या दूर की जाए। मांग करने वालों में सरपंच रजमोतिन, बिदेसिंह, पुनीता, अहिल्या, फागूराम, राजूराम दर्रो, सुकेतिन, ललिता समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं।
कांकेर। ग्राम कुरसेल में कुंआनुमा झरिया से पानी निकालते ग्रामीण।
कोलियारी में भी झरिया का पानी पीना मजबूरी
अंतागढ़ के आमाबेड़ा इलाके ग्राम पंचायत कोलियार के पद्दापारा में भी पेयजल की काफी समस्या है। यहां के ग्रामीण गांव से डेढ़ किमी दूर नदी नालों में बन झरिया से पानी लाते हैं। ग्रामीण दसरोबाई पद्दा, राजुराम, सुकलाल, बिसऊराम, देवसिंग समेत अन्य हैंडपंप की मांग की है।
ऊंचपानी में एक किमी दूर से कांवड़ से ढो रहे पानी
भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत डोंगरकट्टा के आश्रित ग्राम ऊंचपानी के हालात भी कुरसेल जैसे ही हैं। यहां के ग्रामीणों ने पिछले जनपद पंचायत व जनदर्शन में हैंडपंप के लिए आवेदन किया था। लेकिन अबतक हैंडपंप नहीं लगाया जा सका है। ग्रामीण कंवल, कमलेश, चैतु, दयारो बाई आदि ने बताया यहां पानी की काफी समस्या है। ग्रामीणों को एक किमी दूर स कांवड़ में लाद कर पानी लाना पड़ताहै। ग्रामीणों ने तत्काल हैंडपंप लगाने की मांग की है।
3 साल पहले दिया आवेदन समस्या अब भी जस की तस
ग्रामीणों ने बताया इसके लिए सबसे पहले ग्राम पंचायत में मांग रखी गई। इसके बाद ग्राम पंचायत के माध्यम से सितंबर 2015 में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकि विभाग अंतागढ़ को आवेदन सौंपा गया। लेकिन आजतक इस पर कोई पहल नहीं किया गया। यहां से सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा। इसके बाद इस समस्या को लोक सुराज अभियान में भी रखी गई। लेकिन यहां भी इसका निराकरण नहीं किया। जिसके चलते अब इस समस्या को लेकर जिला कार्यालय आए हैं।