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स्टाॅपडैम व एनीकट में गेट नहीं, बारिश का पानी नहीं रुक पा रहा

3 वर्ष पहले
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जल संरक्षण व किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने नदी में स्टाॅपडैम व एनीकट का निर्माण इस कारण किया जा रहा है, लेकिन तकनीकी खामियों व विभागीय लापरवाही के चलते इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले के 40 फीसदी स्टाॅपडैमों में गेट ही नहीं लगाए गए हैं, जिससे जल का ठहराव नहीं हो पा रहा है।

यह स्टाॅपडैम कई वर्ष पहले बने हैं, लेकिन गेट लगाने के लिए जल संसाधन विभाग रुचि नहीं दिखा रहा है। जिले भर में 237 स्टाॅपडैम है, जिसमें कई स्टाॅपडैम में लोहे के गेट ही नहीं लगाए गए हैं। इसके चलते बारिश के दौरान पानी व्यर्थ बह जाता है। ग्राम इच्छापुर में 1993 में स्टाॅपडैम बना था लेकिन स्टापडेम में गेट ही नहीं लगा है। इसमें गर्मी में जनवरी माह तक पानी नहीं रहता है और इससे ग्रामीणों को निस्तारी नहीं हो पाती है। ग्राम मनकेसरी में बना स्टाॅपडैम में गेट चोरी हो गया है, जिससे यहां पर स्टाॅपडैम की उपयोगिता नहीं है। ग्राम गोवर्धन में भी गेट नहीं लग पाया है। इससे स्टापडेम में अभी गर्मी के दौरान पानी नही रुकता है। ग्राम सुरखंड में भी स्टाॅपडैम में गेट की व्यवस्था नहीं है। यहां पर गेट लगा था लेकिन गेट की चोरी हो गई। इससे फरवरी माह में ही नदी सूख जाता है।

परेशानी

यह स्टाॅपडैम कई वर्ष पहले बने हैं, लेकिन गेट लगाने के लिए जल संसाधन विभाग रुचि नहीं दिखा रहा, 40 फीसदी स्टाॅपडैमों में गेट ही नहीं लगाए गए

इच्छापुर के दूध नदी में बनाया गया स्टाॅपडैम में गेट नहीं होने से नहीं रुकता पानी।

पंचायत को हैंडओवर कर दिया गया था

जल संसाधन विभाग के एसडीओ पीएस मित्रा ने कहा सभी जगह पर स्टाॅपडैम बनाकर ग्राम पंचायत को विभाग ने हैंडओवर कर दिया गया था। स्टाॅपडैम में गेट लगाया गया था लेकिन पंचायत ने स्टाॅपडैम के मेंटनेंस पर ध्यान नहीं दिया। स्टाॅपडैम में ग्राम पंचायत ने ही गेट लगाने पर ध्यान नहीं दिया।

हटकुल नदी पर गेट लगने के बाद भी पानी नहीं

ग्राम दसपुर के हटकुल नदी पर 9 वर्ष पहले एनीकट बनाया गया था। एनीकट में गेट लगने के बाद भी इस वर्ष फरवरी माह में हटकुल नदी सूख गई। यहां तकनीकी खामियों की वजह से नीचे से ही पानी बह जाता है। गांव दसपुर के पुसऊराम पटेल, देवलाल शोरी, राजेंद्र मरकाम, आत्माराम सलाम ने कहा गांव की एनीकट के गेट के नीचे पानी निकल जाता है। तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए भी जल संसाधन विभाग ने ध्यान नहीं दे रहा है।

बांसला, भानबेड़ा की नदी में क्षतिग्रस्त होकर टूट गया गेट

भानुप्रतापपुर के बांसला, भानबेड़ा के नदी में स्टाॅपडैम में गेट नहीं है। यहां पर पांच वर्ष पहले तक गेट लगा था। गेट क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। अब गेट के अभाव में जल संरक्षण नहीं हो रहा है। गेट लगाने की मांग लोक सुराज के साथ जनपद में की जा रही है। वहीं नरहरपुर के नदी में बने स्टाॅपडैम में भी गेट नही लग पाया है। दुधावा, साईमुंडा, गट्टागुड़ुम के नाला के स्टाॅपडैम में गेट नहीं लगा है।

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