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748 आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली नहीं, बच्चे गर्मी में हो रहे परेशान

3 वर्ष पहले
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जिले में संचालित हो रहे 748 आंगनबाड़ियों में अब भी विद्युतीकरण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। गर्मी शुरू होने के चलते बच्चे विद्युत विहीन आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चे गर्मी से परेशान है। शहर में तो जिन आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बना है। उसमें विद्युतीकरण के लिए वायरिंग कर मीटर, कनेक्शन जोड़ दिया गया है लेकिन महिला बाल विकास विभाग पंखे नहीं लगा पाई है।

जिले भर में मुख्य आंगनबाड़ी केंद्र 1909 संचालित है, जिसमें 1549 आंगनबाड़ी केंद्र का भवन है। इसमें 1138 केंद्र के मुख्य भवन में विद्युतीकरण हो पाया है। इसमें 748 केंद्र के भवन में विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। जिले के मिनी आंगनबाड़ी केंद्र 155 है। इसमें 52 आंगनबाड़ी केेंद्र में भवन है। वहीं 33 आंगनबाड़ी केंद्र विद्युत विहीन है।

किराया भवन की स्थिति : जिले भर में 257 आंगनबाड़ी केंद्र का भवन है, जिसमें सिर्फ 23 जगह के आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में ही विद्युतीकरण हो पाया है। किराए में संचालित हो रहे 234 जगह के आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में बिजली नहीं है। शहर में 42 आंगनबाड़ी केंद्र है। इसमें कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों की यह स्थिति है कि इनके नए भवन में विद्युतीकरण तो हो गया है लेकिन पंखे अभी तक महिला बाल विकास विभाग नहीं लगवा पाई है। एमजी वार्ड के स्कूल पारा में गत वर्ष जून माह से स्वयं के भवन में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रही है। इसमें भवन में बिजली वायरिंग के साथ बाहर मीटर भी लग गया है लेकिन गर्मी पहुंचने के बाद भी पंखे नहीं लग पाए हैं। राजापारा वार्ड के नदिया पारा को आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र का दर्जा प्राप्त है लेकिन यहां पर भी पंखा नहीं लग पाया है। भवन में पंखा के लिए छत के नीचे कोई राड ही ठेकेदार ने नहीं डाला है। इससे यहां पर पंखा नही लग पा रहा है। नदी तट के पास आंगनबाड़ी केंद्र बना है लेकिन बाउंड्रीवाल की कमी बनी हुई है। राजापारा वार्ड के आवास पारा का आंगनबाड़ी केंद्र के भवन मे वायरिंग व मीटर गत वर्ष लग गया है लेकिन अभी तक आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में पंखा नही लग पाया है। अलबेलापारा वार्ड में दो आंगनबाड़ी केंद्र है। इसमें एक आंगनबाड़ी केंद्र का भवन तो बनकर तैयार है लेकिन उसमें बिजली वायरिंग अंदर होने के बाद भी मीटर कनेक्शन नही हो पाया है।

महिला बाल विकास विभाग को लगाना है पंखा : कांकेर नगरपालिका के सब इंजीनियर ने कहा शहर में नगरपालिका ने आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण कराया है। ठेकेदार को भवन में विद्युतीकरण करके देना था, लेकिन पंखे लगाने का काम महिला बाल विकास विभाग को ही करना है।

कांकेर। आंगनबाड़ी केंद्र में पंखा नहीं होने से बच्चे गर्मी से होते रहते हैं परेशान।

केंद्रों में पीने का पानी तक नहीं

मुख्य आंगनबाड़ी केंद्र में 867 में अहाता नहीं है। 36 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र में अहाता नहीं है। मुख्य आंगनबाड़ी केंद्र में 256 व मिनी के 119 आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल की व्यवस्था है। 695 मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय नहीं है। वही मिनी आंगनबाड़ी केंद्र में 108 में शौचालय नहीं है।

सुधार की प्रकिया चल रही है

महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी एचआर राणा ने कहा शहर के आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में विद्युतीकरण होने के बाद पंखे नहीं लगने की जानकारी नहीं है। इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। जिन आंगनबाड़ी केंद्र में पंखे नहीं थे। उसमें से काफी सारे आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में विद्युतीकरण किया गया है। अन्य जगह पर विद्युतीकरण का काम किया जाएगा।

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