कन्या शाला में चल रहे उमंग समर कैंप का समापन रविवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। इस दौरान बच्चों ने कैंप में सीखी कला की प्रस्तुति दी। बच्चों ने कबाड़ से बनाए गए विभिन्न चीजों के साथ मूर्तिकला, पेंटिंग की प्रदर्शनी भी लगाई। बच्चों ने पेपर से कैरीबैग बनाकर प्रदर्शित किया। बच्चों ने कहा अब वे पॉलिथीन का उपयोग न कर इसे ही उपयोग करेंगे। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को प्रमाण पत्र दिया गया। समर कैंप का शुभारंभ 5 मई को हुआ था। समापन अवसर पर बच्चों ने नृत्य के साथ सामूहिक गीत भी प्रस्तुत किया। बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य, कत्थक व राउत नाचा प्रस्तुत किया। अंतिम दिन कार्यक्रम देखने पालक भी पहुंचे। कार्यक्रम में मंच संचालन शिक्षक सुरेश चंद्र श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में सहायक संचालक राजेंद्र ठाकुर, बीआरसी डीके भास्कर, समर कैंप के संयोजक संजीत श्रीवास्तव, एपीसी नवीन सिन्हा, अजय महापात्र, संकुल समन्वयक आर कंचन, हेमेंद साहसी व प्राचार्य सविता पोया उपस्थित थे।
कैंप को लेकर बच्चों में दिखा उत्साह: नरहरपुर के चंपेश मरकाम, राकेश नेताम, दुर्गूकोंदल के लोकेश खरे, मनीष यादव, अंतागढ़ से अंजु जाड़े, संतोषी, भानुप्रतापपुर से जगत उइके ने कहा कि इन 15 दिनों में समर कैंप में काफी कुछ सीखने को मिला। समर कैंप में नहीं आते तो यह सीखने का मौका नहीं मिलता। कैंप में कई नए साथी मिले हैं।
इन बच्चों ने दी बेस्ट परफार्मेंस : शास्त्रीय नृत्य में चारामा की ग्राम करिहा की दामिनी सिन्हा को बेस्ट चुना गया। लोकनृत्य में हाईस्कूल कोड़े के विक्रम सलाम को बेस्ट, नाटक मेंं दुर्गूकोंदल माध्यमिक शाला के चंद्रकांत उइके, लोकगीत में हाईस्कूल सुलंगी ऋषभ, गायन में कांकेर की महिमा गुप्ता, तबला में शिवकुमार गंर्धव मूर्तिकला में कन्या शाला विद्यालय की प्रीति गोटी, चित्रकला में अंतागढ़ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रकाश आंचला व क्राफ्ट में नरहरपुर देवगांव हायर सेकेंडरी स्कूल की मोनालिका निषाद ने अपना बेस परफार्मेंस दिया।
शहर की शासकीय कन्या शाला में 15 दिनों से चल रहे समर कैंप ‘उमंग’ का सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शन के साथ किया गया समापन
कांकेर. बच्चों ने मूर्तिकला के साथ हेड क्राफ्ट की लगाई प्रदर्शनी।
पॉलीथिन का उपयोग बंद करने बनाए पेपर के कैरी बैग
बच्चों ने प्रशिक्षक से कबाड़ से कैरीबैग, फ्लॉवर, खिलौना, लाइटिंग का सजावटी व शोपी सामान बनाया सीखा। अंतिम दिन इसकी प्रदर्शनी लगाकर लोगों को अपनी कला दिखाई।
बच्चों की पेंटिग में स्वच्छता व पर्यावरण का महत्व नजर आया। बच्चों ने समाचार पत्र व ब्राउन पेपर से कैरीबैग बनाना भी प्रशिक्षक से सीखा है। इसे प्रदर्शनी में रखा गया है। प्रदर्शनी में कैरीबैग में हैंडल भी लगा है। बच्चों ने कहा कि कैरीबैग का उपयोग कर पॉलिथीन के प्रचलन को पूरी तरह से बंद किया जा सकता है। लखनपुरी के दुर्गेश नंदन, नरेश नाग, नरहरपुर के चंद्रप्रकाश सेन, नरहरपुर की उमेश्वरी मंडावी, लालिका निषाद ने कहा कि उन्होंने कैरीबैग बनाना प्रशिक्षक से सीखा है। अब वे घर में भी कैरीबैग बनाकर इसका उपयोग करेंगे और दूसरों को भी कैरीबैग बनाना सिखाएंगे।
समापन अवसर पर अपर कलेक्टर आरआर ठाकुर ने कहा कि बच्चों के लिए इस तरह का समर कैंप का आयोजन होना चाहिए। इससे बच्चो को पढ़ाई के अलावा अन्य विद्याओं के बारे में भी जानकारी हो। इससे बच्चों को कई प्रकार का अनुभव मिलते हैं। संयुक्त कलेक्टर एमके मारकंडे, डिप्टी कलेक्टर सीएल वट्टी व जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू ने कहा कि समर कैंप से बच्चे काफी कुछ सीखकर जा रहे हैं।
समर कैंप से बच्चों को मिलते हैं कई अनुभव: ठाकुर