कांकेर| सामाजिक समरसता सांस्कृतिक एवं शिक्षा गुणवत्ता, जैविक खेती, जल संरक्षण, ग्रामीण उद्यमिता एवं पर्यावरण विषय को लेकर रविवार को इशान वन में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सामाजिक समरसता विषय पर अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष जीआर राना ने कहा पांचवी अनुसूची व पत्थलगड़ी के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है ।
संविधान के मूल को छोड़कर केवल कुछ अनुच्छेदों की जानकारी द्वारा लोगों को गुमराह किया जा रहा है। केवल 13 (3) (क) का उल्लेख किया गया है कि जबकि विधिक बल की परिभाषा जिसका (ख) में उल्लेख है को समझाया नहीं है। इसके साथ ही पत्थलगड़ी में राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह का उपयोग किए जाने को भी असंवैधानिक बताया है। सांस्कृतिक विषय पर लोक सेवा आयोग के सदस्य मोहन मंडावी ने जनजाति समाज के कई महत्वपूर्ण संस्कृतियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में से देवलाल दुग्गा, त्रिलोक रजक, तामेश्वर शोरी, जनकराम साहू, विक्रांत सार्वा, रोशन साहू, भूपेंद्र साहू आदि उपस्थित थे।