कांकेर तहसील में डायवर्सन वाली भूमि के लगान की वसूली को लेकर अब तहसीलदार ने कड़ा रूख तैयार कर लिया है। हर साल लगान अदा नहीं करने वाले भूमि स्वामी को चिह्नांकित कर नोटिस जारी की जा रही है। इसके तहसीलदार स्वयं डोर टू डोर मुहिम छेड़ दस्तक दे रहे हैं। कार्रवाई को देख पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष समेत कुल 8 भूमि स्वामी ने तहसील कार्यालय पहुंच 1.39 लाख रुपए का लगान जमा कराया। अन्य लोगों को लगान वसूल करने 3 दिन की मोहलत दी गई है। जिले में बड़े पैमाने में कृषि भूमि को अन्य प्रयोजन के लिए डायवर्सन तो कराया जाता है। लेकिन इसकी शर्तों का मालिकों द्वारा उल्लंघन किया जाता है। प्रीमियम व अन्य शुल्क पटा दिए जाते हैं। लेकिन हर साल 31 मार्च के पूर्व तक अदा करने वाले लगान को नहीं पटाया जाता है। तहसीलदार ने इसी की सूची तैयार की है। जिसमें 180 लेागों को चिह्नांकित किया गया है। जिनके द्वारा लगान नहीं पटाया जा रहा है। इन्हें कई बार नोटिस भेजा गया है। लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया तो शनिवार को तहसीलदार स्वयं अमले के साथ डोर टू डोर जाकर संपर्क किया।
पिछले साल अभियान चला, 10 साल का वसूला लगान : पिछले साल भी तहसीलदार ने लगान वसूली के लिए स्पेशल मुहिम छेड़ी थी। जिसमें कई एेसे लोग थे जो 10 सालों का लगान जमा नहीं कराए थे। इनके खिलाफ कार्रवाई करते रकम वसूली की गई थी। इसके बाद से ये नियमित लगान अदा करने लगे।
रसूखदार ही नहीं पटाते लगान, 11 लाख रुपए की होगी वसूली : कांकेर तहसील में अब भी 180 लोगों ने लगान नहीं अदा किए हैं। जिन्हें नोटिस जारी किया गया है। इनमें शहर के नामी गिरामी व बड़े व्यापारी तथा बिल्डर्स भी शामिल है। इनसे कुल 11 लाख रुपए की वसूली होनी है।
इन लोगों से वसूला गया लगान
सोमवार को पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पवन कौशिक के अलावा प्रभात चोपड़ा, कृष्णा देवी मंडावी, प्रताप राम गिदवानी, सत्यनारायण ध्रुव, रेखा मंशानी समेत 8 लोगों ने तहसील कार्यालय पहुंच रकम जमा कराई। विदित हो कि कांकेर में डायवर्सन भूमि का लगान अदा करने वालों की संख्या 350 के करीब है। जिसमें अधिकांश रसूखदार शामिल हैं। इनमें से कुछ ही लोग नियमित या पूर्व में लगान जमा करते हैं। जबकि अधिकांश लोग 31 मार्च के पहले तक लगान अदा नहीं करते हैं।
3 तीन में जमा करना होगा
तहसीलदार टीपी साहू ने बताया अभियान चला कुछ लोगों ने लगान वसूल किया गया है। अन्य लोगो को नोटिस जारी की गई है। यदि वे तीन के अंदर लगान नहीं अदा करते हैं तो उनकी जमीनों को लेकर कार्रवाई की जाएगी। कुर्की की भी कार्रवाई की जा सकती है।