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घायलों को बचाने में डाॅक्टर ने दिखाई सूझबूझ जनरेटर हुआ खराब, इमरजेंसी लाइट में इलाज
जिले के अंदरूनी इलाके के अस्पतालों में पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण डाॅक्टरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ऐसे अस्पतालों के लिए बिजली बड़ी समस्या बनी हुई है। बीतीरात आंधी तूफान से बिजली गुल होने व जनरेटर के अचानक खराब होने के बाद अंतागढ़ अस्पताल के डाॅक्टरों के लिए तब मुसीबत खड़ी हो गई जब एक सड़क हादसे में 24 घायलों को अस्पताल लाया गया। बीएमओ ने सूझबूझ का परिचय देते घायलों की हालत देख तत्काल इमरजेंसी लाइट का इंतजाम किया। इसी के सहारे मरीजों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें रेफर कर राहत प्रदान की।
अंतागढ़ में शनिवार 14 अप्रैल की शाम आंधी तूफान चलने के कारण बिजली बंद हो गई। बीएमओ डाॅ. भेषज रामटेके ने अस्पताल का जनरेटर चालू कराया तो तकनीकी दिक्कतों से शुरू नहीं हो पा रहा था। तत्काल दुरूस्त करने मिस्त्री को बुलाया गया। इसी दौरान अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम मासबरस से पोरोंडी चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों का ट्रैक्टर दुग्गा पराली के निकट पुल से नीचे गिर गया। ट्रैक्टर में 45 से अधिक लोग सवार थे। इसमें 24 लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही संजीवनी व अन्य एंबुलेंस मौके पर पहुंची तथा घायलों को अंतागढ़ अस्पताल पहुंचाया।
एक-एक कर मरीजों के बढ़ने व लाइट बंद होने से दिक्कतें बढ़ गई। मरीजों की भीड़ व लाईट बंद होने के कारण मरीजों का इलाज भी नहीं हो पा रहा था। अंधेरा के कारण कौन कितना घायल है और किसे तत्काल प्राथमिक उपचार की जरूरत है स्टाफ यह भी तय नहीं कर पा रहा था। तत्काल बीएमओ ने बड़ी बड़ी इमरजेंसी लाइटों का इंतजाम किया। जांच शुरू कर गंभीर रूप से चार घायलों की पहचान कर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। मरीजों को सेटल कर उन्हें कांकेर जिला अस्पताल रेफर किया गया।
जश्न को मातम में बदल रहे नशेड़ी चालक
शादी और अन्य कार्यक्रमों के जश्न को नशेड़ी चालकों द्वारा मातम में बदला जा रहा है। अंतागढ़ में हुए ट्रैक्टर हादसे का कारण भी इसका चालक फूलसिंग ही था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह काफी नशे में था तथा दुर्घटना का कारण बना। बताया जा रहा है कि इसी तरह 12 अप्रैल की रात दुर्गूकोंदल के निकट हाहालद्दी में कमांडर व कार में हुई टक्कर का कारण भी चालक ही था जिसने शराब पी रखी थी। इस हादसे में भी दो लोगों की मौत और 15 लोग घायल हो गए थे।
किसी मरीज का अंतागढ़ अस्पताल में आॅपरेशन नहीं किया
बिजली हुई गुल और जनरेटर में दिक्कत तो इमरजेंसी लाइट से किया इलाज ।
बीएमओ डाॅ. भेषज रामटेके ने बताया आंधी तूफान के कारण बिजली बंद होने व अचानक जनरेटर में तकनीकी खराबी आने के दौरान ही हादसे में घायलों को अस्पताल लाया गया। स्थिति को देखते तत्काल इमरजेंसी लाईट की व्यवस्था कर घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। मरीजों को सेटल कर जिला अस्पताल रेफर किया गया। किसी भी मरीज का अंतागढ़ अस्पताल में आॅपरेशन नहीं किया गया। सभी मरीजों की स्थिति खतरे से बाहर है।
डाॅक्टर इंतजाम नहीं करते तो बढ़ जाती मुश्किल
अंतागढ़ से चार मरीज रोहन नुरूटी 5 साल पिता बृजलाल, टेटकूराम नुरूटी 45 साल पिता मैनू, सुनीता 23 साल पति रमेंद्र तथा रामबत्ती 45 साल पति सुधुराम को रेफर किया गया। रोहन के चेहरे में चोट है। उसका पूरा चेहरा खून से सना हुआ था। टेटकूराम का सीना ट्राली में दबने से वह बेहोश हो गया था। ग्रामीणों ने उसे खींच कर बाहर निकाला। महिला सुनीता के दोनों हाथ में तथा रामबत्ती के पैर में चोट थी। अंतागढ़ के डाक्टरों ने तत्काल इमरजेंसी लाइट की व्यवस्था की और मरीजों का इलाज कर उन्हें कांकेर भेजा। अब वे खतरे से बाहर हैं।