भास्कर संवाददाता | खातेगांव-कन्नौद
इंदौर-बैतूल हाईवे पर शुक्रवार सुबह 10.30 बजे ट्रक ने बाइक के साथ किनारे खड़े पिता-पुत्र को कुचल दिया। कलवार निवासी सात वर्षीय पुत्र की घटनास्थल पर मौत हो गई जबकि पिता ने तीन घंटे बाद इलाज के दौरान दम तोड़ा। गुस्साए लोगों ने ट्रक के कांच फोड़ दिए। हादसा खातेगांव थाने के ठीक सामने हुआ।
पुलिस ने बताया हाईवे पर इंदौर से इटारसी जा रहे रघुवंशी ट्रांसपोर्ट के ट्रक के चालक ने बाइक लेकर सड़क किनारे खड़े शंकर अखंड और सात वर्षीय पुत्र अमन निवासी कलवार को चपेट में ले लिया। अमन की घटनास्थल पर मौत हो गई जबकि शंकर को खातेगांव के सामुदायिक अस्पताल ले जाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार कर इंदौर रेफर किया। चापड़ा तक ही ले जा पाए थे कि उसकी मौत हो गई। उसके बाद कन्नौद लाया जहां पोस्टमार्टम में देरी के चलते हंगामा हुआ।
अमन
बाइक लेकर सड़क किनारे खड़े थे पिता-पुत्र तब हुआ हादसा
पीएम में देरी पर सरपंच का हंगामा, थाने पहुंचे डॉक्टर्स
पिता की मौत के बाद शव को कन्नौद लाया गया तो यहां स्टाफ की लेटलतीफी के चलते डेढ़ घंटे तक पीएम नहीं हो सका। वाहन में शव रखा रहा। जानकारी मिलने पर गांव कलवार के सरपंच नरेंद्र कांसल कन्नौद आ गए और अस्पताल में शीघ्र पीएम के लिए अनुरोध किया। बावजूद सुनवाई नहीं होने पर कहासुनी कर दी। इससे नाराज डॉक्टर्स उनकी शिकायत करने थाने पहुंचे गए। इस पर करीब 100 सरपंच समर्थक भी कन्नोद आ गए। विवाद की आशंका देख पुलिस ने शव को खातेगांव अस्पताल पहुंचवाया और पीएम करवाया।
अमन से मिलाने के लिए बार-बार कहता रहा शंकर
खातेगांव में इलाज के दौरान शंकर बार-बार अपने पुत्र अमन से मिलने की गुहार पुलिसकर्मियों और डॉक्टर्स से करता रहा। सभी उसे अमन के ठीक होने का कहकर ढांढ़स बंधाते रहे। अस्पताल के बाहर अमन के परिजन का रो-रोकर बुला हाल हो गया। दोनों मौसियां अमन को याद करते और विलाप करते हुए कहती रही कि थोड़ी देर पहले तक हमारे साथ सकुशल था, पांच मिनट में ये क्या हो गया।
पिता शंकर
खातेगांव. हादसे में क्षतिग्रस्त बाइक।
5 मिनट पहले ही बाइक से उतरी थी मृतक की सालियां
मैं अपने पुत्र अमन को साथ लेकर दो सालियों को छोड़ने ससुराल पुरोनी जा रहा था। खातेगांव के चमन चौक पर निर्माण कार्य चलने के कारण वाहनों के लिए रास्ता बंद किया गया था। शंकर ने दोनों सालियों को वहीं उतारकर उन्हें आगे पुरोनी मार्ग पर मिलने का कहा। फिर बाइक से अमन को लेकर दूसरे रास्ते से पुरोनी मार्ग की ओर जाने लगा तभी थाने के सामने किसी काम से बाइक से उतरा तभी इंदौर तरफ से आ रहे ट्रक ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया।
- जैसा शंकर ने इलाज के दौरान बताया था, बाद में उसकी मौत हो गई)