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सरपंच और सचिव धरने पर बैठे, कहा- एक सप्ताह में निराकरण करें नहीं तो आंदोलन
पंचायतीराज नीति का विरोध : मप्र पंचायत सचिव संगठन ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन
भास्कर संवाददाता | देवास
जिला पंचायत के सरपंच, सचिवों ने पंचायतराज विरोधी नीति से प्रताड़ित होकर धरना देकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया है कि सरपंच व सचिवों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों का निराकरण एक सप्ताह में नहीं हुआ तो मप्र पंचाचय सचिव संगठन चरणबद्ध आंदोलन शुुरू करेगा।
ज्ञापन में बताया मप्र राजपत्र संशोधन के बाद जिला पंचायतों को मिले अधिकार के संबंध में मप्र पंचायत सचिव संगठन की ओर से पंचायत सचिवों/निर्वाचित सरपंचों को प्रताड़ना झेलना पड़ रही है। राजपत्र से मिले अधिकार के कारण एसडीएम न्यायालयों से प्रचलित प्रकरण, सीईओ एवं विहित प्राधिकारी जिला पंचायत देवास को भी अंतरित किए गए हैं। जिला पंचायत में प्रचलित प्रकरणों में सुनवाई के अवसरों की उपेक्षा की जाकर पूर्ण सुनवाई और जांच के बिना गैरकानूनी ढंग से आदेश पारित कर 20-25 वर्षों से पूर्ण निष्ठा से सेवाएं देे रहे पंचायत सचिवों की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। जिला पंचायत द्वारा झूठे और मनगढ़ंत प्रतिवेदनों के आधार पर दर्ज प्रकरणों में बिना जांच के अभी तक 6 से अधिक पंचायत सचिवों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी है।
जिला पंचायत क्षेत्र की जनपद पंचायत देवास, टोंकखुर्द, सोनकच्छ, बागली, कन्नौद, खातेगांव केे 100 से अधिक सरपंचों, पूर्व सरपंचों, सचिवों के जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर उनको षड्यंत्रपूर्वक अपमानित कर प्रताड़ित करने का सिलसिला चल रहा है। जिससे जिला क्षेत्र के पंचायत राज प्रतिनिधियों एवं पंचायत सचिवों में नाराजी है। संगठन ने कहा है कि जिला पंचायत में दर्ज प्रकरणों के आधार पर और जिला पंचायत में प्रेषित शिकायतों का एक सप्ताह में निराकरण नहीं होता है तो सचिव संगठन द्वारा चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। ज्ञापन का वाचन प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मेंद्र जोशी ने किया। इस अवसर पर संगठन के उज्जैन जिलाध्यक्ष प्रवीण शर्मा, संगठन प्रभारी पंकज, कन्नौद-खातेगांव, बागली, सोनकच्छ, देवास, टोंकखुर्द ब्लाक के सरपंच सचिव उपस्थित थे।