भास्कर संवाददाता | देवास-कन्नौद
पोस्टमार्टम में देरी को लेकर कन्नौद अस्पताल के डॉक्टर से अभद्रता करने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में कलवार के सरपंच नरेंद्र कांसल के खिलाफ सोमवार को प्रकरण दर्ज कर लिया गया। मामला तीन दिन पुराना था जिसकी एफआईआर नहीं किए जाने से डॉक्टर्स नाराज थे। सोमवार को देवास में जिला योजना समिति की बैठक लेने आए प्रभारी मंत्री सुरेंद्र पटवा से मिलने के लिए अड़ गए और जिला पंचायत कार्यालय के बरामदे में मंत्री की कार के पास धरना देने लगे। आश्वासन के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इधर, कलवार सरपंच ने कार्रवाई को झूठी बताते हुए पीड़ित परिवार के साथ जाकर एसडीएम को ज्ञापन देने की बात कही है।
देवास. प्रभारी मंत्री पटवा का रास्ता रोककर डॉक्टरों ने ज्ञापन दिया।
ग्रापं कलवार के आरोपी सरपंच नरेन्द्र कांसल ने कहा पीड़ित परिवार की मदद के लिए डॉक्टर से अनुरोध किया था कि जल्द से जल्द पोस्टमार्टम करवा दें। बिना कारण मेरे के खिलाफ एफआईआर की गई है। साथियों एवं पीड़ित परिवार के साथ जाकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर डाॅक्टरों के खिलाफ कार्यवाही एवं झूठी एफआईआर रद्द करने की मांग करूंगा।
यह है मामला
शुक्रवार को खातेगांव बस स्टैंड के पास सड़क हादसे में कलवार के शंकर और उसके पुत्र अमन की मौत हो गई थी। कन्नौद में सिविल अस्पताल शंकर को पोस्टमार्टम कराने लाए थे जहां देरी का आरोप लगाते हुए ड्यूटी डाॅक्टर अनिल धनगर एवं स्टाफ से सरपंच द्वारा अभद्रता की गई। इसकी लिखित शिकायत उसी दिन डाॅक्टर्स ने कन्नौद थाने पर की थी लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। इसके विरोध में देवास जिले के डाॅक्टर एवं कर्मचारियों ने काम बंद किया और 21 मई को देवास आए प्रभारी मंत्री पटवा एवं कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपा। इसके पश्चात केस दर्ज हुआ।