जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिले के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र पटवा की अध्यक्षता में सोमवार को जिला योजना समिति की बैठक हुई। राज्यमंत्री दीपक जोशी, अन्य विधायक व अफसर मौजूद थे। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगर पालिका निगम, शहरी विकास अभिकरण, श्रम विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अंतर्गत उपार्जन की स्थिति, राजस्व विभाग द्वारा आवासीय पट्टों का वितरण तथा वन विभाग अंतर्गत चरण पादुका योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री पटवा ने निर्देश दिए कि सुधार योग्य बंद नल-जल योजनाओं को शीघ्रता से दुरुस्त कराया जाए। नवीन ट्यूबवेल खनन का काम जल्दी करने के निर्देश दिए। अगले 10 दिन का समय दिया गया। बैठक में बताया जिले को चालू वर्ष में 75 नलकूप खनन करने हैं, अब तक 35 खनन किए हैं। जिले में 24 नल-जल योजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें से 17 जगह के लिए टेंडर जारी किए हैं। 7 नल-जल योजनाओं के लिए पुन: टैंडर बुलाए हैं। नगर निगम सीमा क्षेत्र में 150 हैंडपंप चालू स्थिति में बताए और अंचल में पांच नगरीय निकायों में, कांटाफोड़, लोहारदा, सतवास, कन्नौद तथा नेमावर में प्रतिदिन एक समय पानी दिया जा रहा है। भौंरासा, करनावद, बागली, खातेगांव में एक दिन छोड़कर, सोनकच्छ तथा टोंकखुर्द में दो दिन छोड़कर, हाटपिपल्या व पीपलरावां नगरीय क्षेत्र में चार दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही कहीं-कहीं नगरीय निकायों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति भी की जा रही है।
बैठक में राज्य शासन के निर्देशानुसार विकासखंड वार तीन-तीन बड़े तालाबों के लिए स्थल चयन पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि 24 स्थलों का चयन किया गया है, किंतु स्टेट क्वालिटी मॉनीटर द्वारा केवल एक स्थल को उपयुक्त पाया गया है।
17 हजार 493 किसानों से खरीदा गेहूं
बैठक में गेहूं व चने के उपार्जन की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में 17 हजार 493 किसानों से एक लाख 14 हजार 308 मैट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। उपार्जित गेहूं का 99 प्रतिशत भुगतान तथा 94 प्रतिशत परिवहन किया जाकर भंडारित किया जा चुका है। जिले में 24 हजार 746 किसानों से 55 हजार 749 मैट्रिक टन चने का उपार्जन किया जा चुका है। कलेक्टर डॉ. पांडेय ने बताया कि चने के परिवहन में समस्या आ रही थी लेकिन परिवहन विभाग के माध्यम से वाहनों का अधिग्रहण कर चने का परिवहन कराया गया है।