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पेंशन के लिए सात माह में 290 ऑनलाइन आवेदन सत्यापन महज 8 का, पीपीओ एक का भी नहीं हुआ

3 वर्ष पहले
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करीब 7 माह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत ऑऩलाइन किए गए 290 आवेदन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ना ही कोई नए पीपीओ जारी हुए। आवेदनकर्ता तहसील कार्यालय सहित जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे है। आवेदनों के सत्यापन न होने से आगे प्रक्रिया रुकी हुई हैं। इनमें शामिल एक 77 वर्षीय सोसर अपनी वृद्धावस्था पेंशन का छह माह से इंतजार कर रही है।

दैनिक भास्कर के पास इस संबंध में शिकायत आने पर जब इसकी जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के आवेदन जब से ई मित्र के माध्यम से ऑनलाइन भरना शुरू हुआ तब से लेकर अब तक स्थानीय ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्र के शुक्रवार तक कुल 290 आवेदन हुए, जिनमें अब तक मात्र 8 आवेदन का सत्यापन किया गया वो भी अपात्र पाए गए। इनके सत्यापन के बाद पात्र आवेदन कर्ताओं के की पेंशन स्वीकृत होकर इनके पीपीओ जारी किए जाते हैं। सत्यापन नहीं होने के कारण पीपीओ भी जारी नहीं हुए हैं।

गोराजी का निम्बाहेड़ा निवासी एक वृद्धा की दयनीय हालत को देख कर उसकी बस्ती के जगदीश जाट ने ही इस वृद्धा के सारे दस्तावेज तैयार करवा कर आवेदन करवाया था। उस समय उसके पति का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं होने से उसका आवेदन वृद्धावस्था पेंशन में करवाया गया था। उसके बाद से ही इस वृद्धा की पेंशन स्वीकृति के लिए जगदीश तहसील से लेकर जनप्रतिनिधियों तक के चक्कर लगा चुका है लेकिन पेंशन शुरू होना तो दूर अभी तक ऑनलाइन आवेदन का भी सत्यापन नही हो पाया। जगदीश ने बताया कि इस बुद्धा के एक लड़का है वो भी अनपढ़ व भोले स्वभाव का है । वृद्धा के महज दो बीघा खेत है उसकी सालाना आमदनी 20 हजार रुपए की है। जगदीश ने बताया कि उनके गांव से ही कुल चार व्यक्तियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था उनका भी यही हाल हैं।

पटवारी घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन
ई-मित्र से ऑन लाइन किए गए आवेदनों के साथ आवश्यक दस्तावेज लोड नही किए जाने से इनके सत्यापन में दिक्कतें आर ही है। आवेदनों को सत्यापन के लिए पटवारियों को जिम्मा सौंपा गया है, जो आवेदनकर्ताओं के घर-घर जाकर दस्तावेज देख कर सत्यापन करेंगे। पटवारी अभी तहसील में राजस्व रिकार्ड ऑनलाइन करवाने में लगे हुए हैं। वो सप्ताहभर में फ्री होकर सत्यापन करवा देंगे। इस बीच आवेदन कर्ता अपने दस्तावेज लेकर तहसील में आ जाए तो उनका सत्यापन शीघ्र कर दिया जाएगा। पन्नालाल, तहसीलदार कपासन

भास्कर संवाददाता | कपासन

करीब 7 माह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत ऑऩलाइन किए गए 290 आवेदन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ना ही कोई नए पीपीओ जारी हुए। आवेदनकर्ता तहसील कार्यालय सहित जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे है। आवेदनों के सत्यापन न होने से आगे प्रक्रिया रुकी हुई हैं। इनमें शामिल एक 77 वर्षीय सोसर अपनी वृद्धावस्था पेंशन का छह माह से इंतजार कर रही है।

दैनिक भास्कर के पास इस संबंध में शिकायत आने पर जब इसकी जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के आवेदन जब से ई मित्र के माध्यम से ऑनलाइन भरना शुरू हुआ तब से लेकर अब तक स्थानीय ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्र के शुक्रवार तक कुल 290 आवेदन हुए, जिनमें अब तक मात्र 8 आवेदन का सत्यापन किया गया वो भी अपात्र पाए गए। इनके सत्यापन के बाद पात्र आवेदन कर्ताओं के की पेंशन स्वीकृत होकर इनके पीपीओ जारी किए जाते हैं। सत्यापन नहीं होने के कारण पीपीओ भी जारी नहीं हुए हैं।

गोराजी का निम्बाहेड़ा निवासी एक वृद्धा की दयनीय हालत को देख कर उसकी बस्ती के जगदीश जाट ने ही इस वृद्धा के सारे दस्तावेज तैयार करवा कर आवेदन करवाया था। उस समय उसके पति का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं होने से उसका आवेदन वृद्धावस्था पेंशन में करवाया गया था। उसके बाद से ही इस वृद्धा की पेंशन स्वीकृति के लिए जगदीश तहसील से लेकर जनप्रतिनिधियों तक के चक्कर लगा चुका है लेकिन पेंशन शुरू होना तो दूर अभी तक ऑनलाइन आवेदन का भी सत्यापन नही हो पाया। जगदीश ने बताया कि इस बुद्धा के एक लड़का है वो भी अनपढ़ व भोले स्वभाव का है । वृद्धा के महज दो बीघा खेत है उसकी सालाना आमदनी 20 हजार रुपए की है। जगदीश ने बताया कि उनके गांव से ही कुल चार व्यक्तियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था उनका भी यही हाल हैं।

छह माह पहले किया था ई-मित्र पर आवेदन, अभी तक जांच भी नहीं हुई
गौरा जी का निंबाहेड़ा पंचायत के परसा खेड़ा निवासी सोसर प|ी रामचन्द्र पुत्री नानूराम बैरागी ने भास्कर से शिकायत की, जिसमें बताया कि उसने भी छह माह पहले आवेदन किया था। सोसर ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए 10 अक्टूबर 2017 को ई-मित्र से आवेदन किया था। उसके कुछ दिनों बाद से ही वो अपना आवेदन स्वीकृत होने के इंतजार में है। उसने बताया कि वो बुढ़ापे के कारण अधिक चल फिर नही सकती जिस कारण वो कपासन भी शिकायत करने नही जा सकती और उसकी आर्थिक स्थिति भी दयनीय है जिस कारण वो कोई साधन लेकर वहां जाकर अपनी शिकायत अधिकारी तक पहुंच सके।

सरकार की मंशानुरूप नहीं हो रहा काम
सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासन काम नहीं कर रहा है। पहले ऑफलाइन आवेदन करने पर यह कार्य काफी सुविधा जनक था। मेरे पास भी इस तरह की लगातार शिकायते आ रही है। मैने कलेक्टर को पत्र लिखा है। एसडीएम व तहसीलदार से भी वार्ता कर इन आवेदनों का सत्यापन शीघ्र करने को कहा है। भैरूलाल चौधरी, प्रधान, पंस कपासन

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