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मई तक फूड मंडी शुरू होने की संभावना, सीधी खरीद से किसानों को होगा मुनाफा
जिला कपूरथला के गांव झल ठीकरीवाल में शुरू हुए फूड मेन्यू फैक्चरिंग प्लांट को पांच महीने हो गए हैं। यहां आटा, चिप्स, स्नैक्स और नूडल्स के प्रोडक्ट तैयार हो रहे हैं। क्रीम बिस्कुट और नेचुरल जूस के लिए बड़ा प्लांट तैयार हो रहा है। प्लांट में जल्द ही बड़ी फूड मंडी भी शुरू होने वाली है। संभावना है कि मई तक फूड मंडी में किसानों से अनाज की सीधी खरीद शुरू हो जाएगी। यह एक ऐसी मंडी होगी जहां पर बिना किसी दलाली के किसान अपने अनाज का ज्यादा मुनाफा ले सकेंगे। फूड मंडी में हर साल 2 लाख टन अनाज खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। बताया जा रहा है कि आईटीसी अपने तैयार हुए फूड प्रोडक्ट को सेल करने के लिए कपूरथला में एक बड़ा शॉपिंग मॉल भी खोलने की तैयारी कर रही है। जहां आप को एक ही जगह से कंपनी के सभी प्रोडक्ट मिल पाएंगे।
दूसरे फेज में क्रीम बिस्कुट, नेचुरल जूस के प्रोडक्ट बनाने की योजना
फूड मेन्यू फैक्चरिंग प्लांट में तैयार होते चिप्स। -भास्कर
जल्द खुलने वाली फूड मंडी से किसानों को होगा लाभ : जीएम
आईटीसी की जीएम नंदनी बासू से बात करने पर उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट पर अभी काम चल रहा है। फूड मंडी शुरू होने पर उन्होंने बताया कि जल्द ही मंडी शुरू होने से जिला वासियों और किसानों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। वहीं, सूत्रों के मुताबिक फूड मंडी मई महीने तक शुरू होने की संभावना है।
आटा, स्नैक्स, चिप्स और नूडल्स तैयार कर बाहरी राज्यों में भेजा जा रहा
मंडे पॉजीटिव
आईटीसी का 71 एकड़ में फैला ये प्लांट देश में चल रहे 20 दूसरे प्लांटों से सबसे बड़ा है। पहले फेज में आटा, स्नैक्स, चिप्स और नूडल्स के प्रोडक्ट तैयार हो रहे हैं। अभी यह प्रोडक्ट बाहरी राज्यों को भेजे जा रहे है। जल्द ही इनकी बिक्री के लिए आईटीसी एक बड़ा शॉपिंग मॉल भी खोलने की तैयारी में है। दूसरे फेज में क्रीम बिस्कुट, नेचुरल जूस आदि के प्रोडक्ट बनने है। इसपर काम चल रहा है। इसी साल यह प्रोजेक्ट पूरा होने की संभावना है। नेचुरल जूस किन्नू, लीची, संतरा आदि से तैयार होगा। इसके अलावा दूध से बनने वाले प्रोडक्ट भी तैयार करने की तैयारी है।
स्टोरेज के झंझट से भी मिलेगी मुक्ति
फूड मंडी में आईटीसी कनक और मक्की के साथ-साथ सब्जियों में आलू, गाजर, मटर, टमाटर, पपीता, लीची और अमरूद की किसानों से सीधी खरीद की जाएगी। इस सिस्टम में बिचौलिया के न होने के कारण किसान का खर्च कम होगा। किसान को रेट भी अच्छा मिलेगा। किसान को फसल स्टोर करने के झंझट से मुक्ति तो मिलेगी ही ऊपर से फसल की बर्बादी भी नहीं होगी। मंडी में किसान दूध, फल, सब्जियां आदि भी बेच सकेंगे। मंडी में अलग-अलग स्टाल होंगे, जहां पर किसान सीधे अपनी फसल ले जाकर कंपनी को बेच सकेंगे। मंडी की तैयारी में सैकडों मजदूर लगे हुए हैं।
प्लांट का मॉडल।
बिस्कुट और जूस का प्लांट एक साथ शुरू होने की संभावना
मंडी के साथ ही क्रीम बिस्कुट और नेचुरल जूस का प्लांट भी तैयार हो रहा है। यह दोनों एक साथ शुरू होने की संभावना है। अनाज से बिस्कुट और फलों से जूस तैयार होना है। मंडी में ज्यादातर मांग आलू की रहेगी। जहां आलू से तैयार हुआ चिप्स अभी दूसरे राज्यों को सप्लाई हो रहा है। मंडी शुरू होने से उसकी मांग भी बढ़ जाएगी। टैक्निको कंपनी किसानों को पहले आलू के बीज मुहैया करवाएगी। बाद में उसी बीज के आलू कंपनी को बेचे जाएगे। मंडी के लिए किसानों की अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करने की भी योजना है। इसके बाद किसानों को अनाज बेचने में कोई मुश्किल नहीं होगी।