11 साल बाद सर्वार्थसिद्धि का योग, सोना, चांदी खरीदना शुभ
18 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर 11 सालों बाद बन रहा है महाशुभ योग इस दिन जलदान संपत्ति लाभ के संयोग बने हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित राम सेवक और पंडित घनश्याम पांडेय ने बताया कि अक्षय तृत्य पर सोने की खरीद का भी महत्व है। उन्होंने बताया कि हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में जब सूर्य और चंद्रमा अपने उच्च प्रभाव में होते हैं और जब उनका तेज सर्वोच्च होता है, उस तिथि को हिंदू पंचांग के मुताबिक अत्यंत शुभ माना जाता है। इस शुभ तिथि को ‘अक्षय तृतीया’ कहा जाता है। इस वर्ष इसका शुभ योग 18 अप्रैल को बन रहा है। मान्यता यह भी है कि इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका सुखद परिणाम मिलता है। पंडित अनुज कुमार ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन सोना, चांदी की चीजें खरीदने का शुभ योग है। इस दिन सोने या चांदी के लक्ष्मी की चरण पादुका लाकर घर में रखें और इसकी नियमित पूजा करें। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन सतयुग की शुरुआत हुई थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने परशुराम का अवतार लिया था। यहीं नहीं वेदव्यास और भगवान गणेश ने आज ही के दिन महाभारत को लिखना शुरू किया था। अक्षय तृतीया पर दान का विशेष महत्व है। गरीबों को शरबत, ठंडा दूध, चप्पल और छाते का दान करना उत्तम रहता है।
अक्षय तृतीया
मान्यता है कि इसी दिन हुई थी सतयुग की शुरुआत
18 अप्रैल को बने हैं जलदान संपत्ति लाभ के संयोग, मां लक्ष्मी की चरण पादुका लाकर घर में रखें, धन का होगा लाभ
अक्षय तृतीया पर व्रत एवं पूजा विधि
पंडित राम सेवक ने कहा कि अक्षय तृतीया सर्वसिद्ध मुहूर्तों में से अहम मुहूर्त है। इस दिन भक्तजन भगवान विष्णु की आराधना में विलीन होते हैं। महिलाएं अपने और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान करके श्री विष्णु जी और मां लक्ष्मी की प्रतिमा पर अक्षत चढ़ाना चाहिए। शांत चित्त से उनकी श्वेत कमल के पुष्प या श्वेत गुलाब, धूप-अगरबत्ती व चंदन आदि से पूजा करनी चाहिए। नैवेद्य के रुप में जौ, गेहूं, या सत्तू, ककड़ी, चने की दाल आदि का चढ़ावा करें। इसी दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाएं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। साथ ही फल-फूल, बर्तन, वस्त्र, गौ, भूमि, जल से भरे घड़े, कुल्हड़, पंखे, खड़ाऊं, चावल, नमक, घी, खरबूजा, चीनी, सा दान करना पुण्यकारी माना जाता है।
जल दान | कहा जाता है कि अक्षय तृतीया पर यदि आप ब्राह्मणों को दान करते हैं तो विशाल संपत्ति हासिल होती है। गरीबों को वस्त्र दान करने से उम्र बढ़ती है। कुमकुम दान करने से जिंदगी में अच्छा मुकाम हासिल होता है साथ ही पति की उम्र भी बढ़ती है। अक्षय तृतीया पर चंदन दान करने से दुर्घटनाओं से छुटकारा मिलता है। नारियल दान करने पर कहा जाता है कि आगे की सात पुश्तें नरक में जाने से बच जाती हैं।
पं. राम सेवक
छाछ का दान करने से पढ़ाई में सफलता का योग
बैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया यानि अक्षय तृतीया में अक्षय का अर्थ होता है कि जिसका कभी क्षय न हो। राम सेवक, घनश्याम पांडेय और अनुज कुमार के अनुसार इस साल अक्षय तृतीया पर सर्वार्थसिद्धि का योग 24 घंटे के लिए होगा। इस दिन कोई भी शुभ कार्य और मांगलिक कार्य करना बेहद शुभ है। अक्षय तृतीया के आसपास यदि कोई शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य करना चाहता तो अक्षय तृतीया के दिन बिना किसी विचार और ज्योतिषीय गणना के किया जा सकता है।
24 घंटे तक रहेगा शुभ मुहूरत| पंडित घनश्याम अनुसार अक्षय तृतीया का महाशुभ योग 18 अप्रैल को सुबह 4 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह 3 बजकर 03 बजे तक रहेगा। अक्षय तृतीया के मौके पर नदी या तालाब में स्नान करके लोग नया घड़ा भरते हैं और फिर उसके जल से मंदिर के देवताओं को स्नान कराते हैं। ऐसे भी कहा जा सकता है कि लोग इस दिन घड़े से देवताओं में जल चढ़ाते हैं। इस दिन सत्तू खाने भी काफी शुभ माना जाता है। इसके साथ ही ब्राह्मणों को चने की दाल, ककड़ी, तरबूज और सत्तू-घी-शक्कर भी दान किया जाता है। माना जाता है।
घनश्याम पांडेय