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थाने 16 से 17 हुए फिर भी आरसीएफ को नहींं मिला थाना पहले सुल्तानपुर लोधी तो अब जाना पड़ेगा थाना सदर

3 वर्ष पहले
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पंजाब सरकार ने शुक्रवार को जारी की राज्य भर के थानों की हदबंदी की अधिसूचना पर सवाल उठने लगे हैं। सरकार ने चाहे जिले के 16 थानों को बढ़ाकर 17 थाने कर दिए हैं लेकिन लोगों की जो सबसे बड़ी मांग थी, उन्हें सरकार ने अनदेखा कर दिया है। आरसीएफ के लिए विभिन्न थाने बनाने की बात उठ रही थी। सरकार ने इसे थाना तो नहीं बनाया लेकिन फगवाड़ा को सतनामपुर का नया थाना दे दिया है। आरसीएफ की हुसैनपुर में पुलिस चौकी है। यह क्षेत्र सुल्तानपुर लोधी में अंतर्गत था, जो अब थाना सदर से जोड़ा गया है। साइंस सिटी पहले ही थाना सदर में आती थी। उसकी जगह तो नहीं बदली गई। हैरानी तो इस बात की है कि नशे से बदनाम रहा गांव बूटा अब कोतवाली से हटाकर सुभानपुर थाने से जोड़ दिया गया है। मार्डन जेल का गांव भीला पहले भी थाना कोतवाली में आता था। इस बार भी उसे कोतवाली में रहने दिया गया है।

माडर्न जेल के गांव भीला को थाना कोतवाली कपूरथला में ही रहने दिया

आरसीएफ हुसैनपुर में लंबे समय से पुलिस चौकी ही है लेकिन वहां पर भी मुलाजिमों की अकसर कमी ही रहती है। घटना समय आरसीएफ के मुलाजिमों को पहले सुल्तानपुर लोधी भागना पड़ता था। अब उतनी ही दूर कपूरथला के थाना सदर मेंं आना पड़ेगा। यदि आरसीएफ में ही थाना बना दिया जाता तो यहां के लोगों को ज्यादा लाभ होना था। 7 हजार से ज्यादा की आबादी अकेली आरसीएफ परिसर में ही है।

कई साल से पुलिस चौकी ही है हुसैनपुर
बूटां को कोतवाली से हटाकर थाना सुभानपुर से जोड़ा
जिले के 16 थानों में कस्बा सुभानपुर का अकेला थाना ऐसा था जो दूसरे गांवों के लिए तो थाना था लेकिन खुद कस्बा कोतवाली क्षेत्र में आता था। अब उसे कोतवाली से हटाकर सुभानपुर से ही जोड़ा गया है। झल्ल बीबड़ी, बूटा, भीला तीनों गांवों की दूरी मात्र आधा किलोमीटर के आसपास की है। भीला गांव में माडर्न जेल बनी हुई है। यह गांव पहले भी थाना कोतवाली में आता था। इस बार भी वहां पर ही है। लेकिन इसके पास का गांव बूटा कोतवाली से हटाकर थाना सुभानपुर से जोड़ दिया गया है। झल्ल बीबड़ी गांव पहले फत्तूढींगा में था, उसे हटाकर थाना कोतवाली से जोड़ दिया गया है।

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