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कपूरथला में बेटी बचाओ का असर

3 वर्ष पहले
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पंजाब में लिंगानुपात में पिछले वर्षों के मुकाबले बड़ा सुधार हो रहा है। सेहत विभाग के सर्वे के मुताबिक पंजाब में साल 2017 में 1 हजार लड़कों के मुकाबले 891 लड़कियां जन्मी हैं। साल 2011 में यह अनुपात 893 था। 6 सालों में लिंग अनुपात में भले ही 2 लड़कियों की कमी हुई है लेकिन जिला कपूरथला लिंग अनुपात में सुधार लाने में सबसे आगे रहा है। इसके लिए बेटी-बचाओ अभियान के तहत गांवों की पंचायतों को जागरूक किया, कैंपेनिंग, नाटक मंचन, रैलिया का योगदान अहम रहा।

6 साल में लिंगानुपात में 64 बेटियों का इजाफा, अब संख्या 1000 लड़कों पर 976 हुई, प्रदेश में सबसे आगे हमारा जिला

अचीव्मेंट

साल 2016 में 1 नेशनल अवॉर्ड, एक स्टेट अवॉर्ड, 2017 में दो स्टेट अवॉर्ड मिले

यहां 1 हजार लड़कों के मुुकाबले साल 2017 में 976 लड़कियों ने जन्म लिया है। साल 2011 में कपूरथला जिले का लिंग अनुपात 912 था। अब इसमें काफी बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले भी कपूरथला जिले के सिविल अस्पताल को अच्छी सेहत सुविधाएं प्रदान करवाने में साल 2016 में 1 नेशनल अवॉर्ड, एक स्टेट अवॉर्ड और साल 2017 में दो स्टेट अवॉर्ड मिल चुके हैं। अब लिंग अनुपात में सुधार लाने में पांचवें अवॉर्ड के लिए भी घोषणा हो सकती है।

जिले में साल 2011 में लिंग अनुपात 912 था

साल 2011 में जिला कपूरथला में कुल जनसंख्या 8 लाख 15 हजार 168 थी। पुरुष संख्या 4 लाख 26 हजार 311 आंकी गई थी जबकि महिला संख्या 3 लाख 88 हजार 857 थी। जिले का लिंग अनुपात 912 था।साल 2011 में कपूरथला शहर में कुल जनसंख्या 98 हजार 916 आंकी गई थी। इनमें पुुरुष संख्या 53 हजार 801 और महिला संख्या 45 हजार 115 थी। शहर में लिंग अनुपात 839 था। पंजाब में लिंग अनुपात के आंकड़ों में 1 हजार लड़कों के मुकाबले साल 2017 में 891 लड़कियां जन्मी थीं। साल 2011 में यह लिंग अनुपात 893 था। 6 सालों में लिंग अनुपात में 2 लड़कियों की कमी हुई है। साल 2017 में 19 हजार 185 लड़कों के मुकाबले 17 हजार 93 लड़कियां जन्मी हैं।

साल 2017 में पठानकोट सबसे पीछे

सेहत विभाग के आंकड़ों में साल 2017 में 19 हजार 185 लड़कों के मुकाबले 17 हजार 93 लड़किया जन्मीं। कपूरथला जिला सबसे आगे रहा है। यहां पर 1000 लड़कों के मुकाबले 976 लड़कियां जन्मी हैं। दूसरे नंबर पर फिरोजपुर जिला रहा है, यहां पर 964 लड़कियां, मोगा में 953, बरनाला में 952, फरीदकोट में 933, मानसा में 929, फाजिल्का में 917, मुक्तसर साहिब में 916, फतेहगढ़ साहिब में 908, लुधियाना में 903, होशियारपुर में 896, अमृतसर साहिब में 891, गुरदासपुर में 890, रुप नगर में 881, पटियाला में 875, शहीद भगत सिंह नगर में 875, मोहाली में 873, संगरूर में 868, जालंधर में 863, तरनतारन 855, बठिंडा में 832 और पठानकोट में 817 लड़कियां जन्मी हैं।

नेशनल अवॉर्ड: 2016 में भारत सरकार ने नशा मुक्ति केंद्र को नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जिले के तत्कालीन डीसी जसकरण सिंह और मनोरोग माहिर डॉक्टर संदीप भोला को दिया था।

स्टेट अवॉर्ड: 2016 में डेंटल विभाग में अच्छी सेवाएं प्रदान करने पर स्टेट अवॉर्ड से सम्मानित किया था।

स्टेट अवॉर्ड: साल 2017 में डेंटल विभाग को दूसरा स्टेट अवॉर्ड दिया। यह अवॉर्ड पंजाब के सेहत मंत्री ब्रह्म महिंद्रा ने डा. सुरिंदर मल्ल और तत्कालीन सिविल सर्जनको दिया था।

स्टेट अवॉर्ड: साल 2017 में पंजाब सरकार ने सेहत विभाग कपूरथला को कायाकल्प क्रम में अच्छी सुविधाएं प्रदान करने पर दिया। यह अवॉर्ड चंडीगढ़ में पंजाब के सेहत मंत्री ब्रह्म महिंद्रा ने तत्कालीन सिविल सर्जन डा. हरप्रीत सिंह काहलों को दिया। बाद डीसी मोहम्मद तैयब ने भी पूरी टीम को सम्मानित किया।

लिंग अनुपात में करेंगे और सुधार: सिविल सर्जन डा. बलवंत सिंह ने लिंग अनुपात में सुधार होने पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि लिंग अनुपात को 100% करने की कोशिश जाएगी।

कपूरथला को 2 सालों में मिले 4 अवॉर्ड

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