डेंगू बुखार और इससे सबंधित होने वाले टेस्टों के प्रति भी लोगों में जागरूकता होनी जरूरी है। यह बात सिविल सर्जन डा. बलवंत सिंह ने आम जनता में डेंगू बुखार और टेस्ट को लेकर प्रचलित गलत धाराओं के संबंध में बातचीत करते हुए कही। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बुखार चढ़ने की सूरत में करवाए जाने वाले सीबीसी टेस्ट के दौरान सैल घटने को ही अक्सर डेंगू होना मान लिया जाता है। सच्चाई यह है कि आम वायरल बुखार और मलेरिया होने की सूरत में भी सैल घट सकते हैं। उन्होंने कहा कि सैल घटने की सूरत में घबराने की जरूरत नहीं है। सिविल सर्जन डा. बलवंत सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में किया जाने वाला ऐलाईजा टेस्ट ही डेंगू बुखार होने की पुष्टि करता है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्राइवेट लेबोरेट्री की ओर से रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किया जाता है, जो न तो सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त है और न ही डेंगू होने की पुष्टि करता है।