मै. सहगल इंडस्ट्रीज 1.87 करोड़ रुपए की डिफॉल्टर, बैंक ने लिया पॉजेशन
पंजाब नेशनल बैंक कपूरथला मेन ब्रांच के उच्चाधिकारियों की ओर से सुल्तानपुर रोड पर स्थित कैटल फीड इंडस्ट्रीज के मालिकों की ओर से करीब 1 करोड़ 87 लाख रुपए की देनदारी होने का कारण डिफॉल्टर घोषित करने के बाद मंगलवार को उनकी जायदाद को सांकेतिक पॉजेशन में लेते हुए नोटिस चिपका दिया है। मौके पर पहुंचे बैंक के उच्चाधिकारियों ने बताया कि सतीश सहगल पुत्र वलैती राम, सुनील सहगल पुत्र वलैती राम और रिंकू प|ी सतीश सहगल की प्रॉपर्टीज बैंक के पास गिरवी हैं। बैंक ने सरफेसी एक्ट के तहत सांकेतिक पॉजेशन लिया है। दूसरी तरफ बैंक की ओर से डिफॉल्टर किए गए सतीश सहगल ने उक्त कार्रवाई को गलत बताते हुए उक्त प्रॉपर्टी बैंक के पास गिरवी न होने की बात कही है।
सहगल सहगल इंडस्ट्री के गेट पर सांकेतिक पॉजेशन का नोटिस लगाते हुए पंजाब नेशनल बैंक के उच्चाधिकारी। -भास्कर
मामले को अदालत ले जाऊंगा : फर्म मालिक
आरोपी डिफॉल्टर फर्म के मालिक सतीश सहगल ने बैंक की ओर से की गई कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि जिस जायदाद पर बैंक ने सांकेतिक पॉजेशन का नोटिस चिपकाया है, वह बैंक के पास गिरवी ही नहीं है। इस संबंध में वह कोर्ट की शरण ले सकते हैं।
बैंक अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक सतीश सहगल पुत्र वलैती राम की ओर से अपनी फीड फैक्टरी मै. सहगल इंडस्ट्रीज सुल्तानपुर रोड नजदीक गांव शेखूपुर कपूरथला के लिए पंजाब नेशनल बैंक मेन ब्रांच कपूरथला से करीब डेढ़ करोड़ की कैश क्रेडिट लिमिट बनवाई हुई थी। इसमें सुनील सहगल पुत्र वलैती राम और रिंकू प|ी सतीश सहगल बतौर गारंटर हैं। इस खाते में सतीश सहगल, सुनील सहगल और रिंकू सहगल तीनों की प्रॉपर्टी गिरवी रखी हुई है। यह खाता पैसे जमा न करवाने के कारण 30 जून 2017 को बैंक प्रबंधन की ओर से एनपीए घोषित कर दिया था। 30 जून 2017 को इस खाते में बकाया राशि 1 करोड़ 87 लाख 39 हजार 967 रुपए थी। बैंक की ओर से 5 फरवरी 2018 को 13 (2) तथा 11 अप्रैल 2018 को 13 (4) के नोटिस सरफेसी एक्ट 2002 को अंतर्गत संबंधित पार्टी को जारी किए थे। डिफॉल्टर पार्टी की ओर से बैंक की बकाया राशि जमा करवाने में कोई रूचि नहीं दिखाई गई। ऐसे में बैंक के उच्चाधिकारियों के आदेश पर बैंक को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी है। बैंक अधिकारियों ने बैंक की ओर से मंगलवार को फैक्टरी के गेट पर सांकेतिक पॉजेशन का नोटिस भी लगाया गया। बैंक के एलडीएम कर्मजीत सिंह ने बताया कि सरफेसी एक्ट के तहत सांकेतिक पॉजेशन में ली गई प्रॉपर्टी की नीलामी कर अपने पैसे की रिकवरी कर सकता है।
30 जून 2017 को बैंक ने एनपीए किया था घोषित