सड़कों पर शीरा फेंके जाने के मामले की गंभीरता से जांच की जाए तो टैंकरों के मालिकों का पता लग सकता है। सोमवार रात 11 बजकर 47 मिनट पर कपूरथला की सड़कों पर चार अज्ञात टैंकरों ने भारी मात्रा में शीरा फेंका था। सुबह जब लोग शीरे के उपर से पैदल गुजर रहे थे तो लोगों की चप्पलें और बूट इस शीरे से चिपकने लग गए थे। लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि शीरा सड़कों पर क्यों फेंका गया है। शहर की सड़कों पर शीरा अभी भी चिपका हुआ है। शहर की सड़कों पर चार दिन पहले रात के समय को चार अज्ञात टैंकरों की ओर से अलग-अलग सड़कों पर शीरा फेंका गया। अगली सुबह यानि बीते मंगलवार को किसी को भी समझ नहीं आया कि शीरा सड़कों पर क्यों फेंका गया है तथा किसने फेंका हैं। वीरवार को ब्यास दरिया में शीरा फेंकने से मछलियां मरने की बात सामने आई। भास्कर ने जब इस मामले की छानबीन की तो शीरे से भरे ट्रक सुभानपुर सड़क की ओर से शहर में प्रवेश होकर कांजली से होते हुए चूहड़वाल सड़क पर और बाद में डीसी चौक, डीसी चौक से होते हुए कपूरथला सुल्तानपुर बाईपास और इसके बाद चारों टैंकर औजला फाटक से होकर इंडस्ट्री एरिया की तरफ जाते हुए दिखे। शहर के कुछ सीसीटीवी कैमरों में भी इनकी गतिविधि कैद हुई है। इसकी जांच की जाए तो फैक्टरी मालिकों के साथ-साथ कई अधिकारियों के संलिप्त होने का खुलासा हो सकता है।