चेक बाउंस मामले में पेश न होने पर सिविल अस्पताल का कर्मी भगोड़ा घोषित
सिविल अस्पताल कपूरथला में नौकरी करने वाले हरविंदरपाल को ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास पूनम कश्यप की अदालत ने चैक बाउंस मामले में भगोड़ा घोषित किया है।
साल 2016 में हरविंदरपाल ने अपने दोस्त अभिमन्यु धीर से अपने घरेलू काम के लिए 80 हजार का फ्रैंडली लोन लिया था। इसके एवज में उसने एक चैक भी दिया। समय पर रकम अदा ना करने पर अभिमन्यु धीर ने हरविंद्रपाल द्वारा दिया गया चैक बैंक में लगा दिया। उसके बैंक के खाते में पैसे ना होने के कारण चैक बाउंस हो गया। अभिमन्यु ने अदालत में याचिका दायर कर दी। अदालत ने हरविंदरपाल को पेश होने के लिए नोटिस कई बार भेजा पर लेकिन उसने अदालत की ओर से भेजे गए नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया और अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके बाद हरविंदरपाल को जज पूनम कश्यप की अदालत ने भगोड़ा करार दे दिया। शिकायतकर्ता के वकील नितिन शर्मा ने बताया कि आरोपी के पेश होने पर ही केस की अगली कार्रवाई की जाएगी।