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फगवाड़ा के सिविल अस्पताल में 7 डाक्टरों की पोस्ट खाली, 40 हजार रुपए हर माह ओपीडी का नुकसान
सिविल अस्पताल में 7 डाक्टरों की पोस्ट खाली पड़ी है जिसमें इएनटी, बीटीओ, मनोचिकित्सक, 2 एमरजेंसी डाक्टर और स्किन विशेषज्ञ, रेडियोलोजिस्ट न होने के कारण फगवाड़ा के सिविल अस्पताल का रेवन्यू घटा है वहीं लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फगवाड़ा के सिविल अस्पताल में नंवबर 2017 से स्किन विशेषज्ञ प्रमोट होने के बाद फरीदकोट में एसएमओ तैनात कर दिए गए हैं। बीटीओ फगवाड़ा को पिछले सप्ताह फगवाड़ा के ईएसआई अस्पताल में बतौर एसएमओ प्रमोट कर दिया गया है। वहीं इएनटी डाक्टर को प्रमोट कर अपरा में बतौर एसएमओ तैनात कर दिया गया है। पिछले तीन साल से नशा मुक्ति केंद्र में मनोचिकित्सक को पोस्ट खाली पड़ी है। जिसको कपूरथला से दो दिन विजिट कर काम चलाया जा रहा है।
रेडियोलोजिस्ट भी कपूरथला से दो दिन के लिए आ रहा है। जिससे लोगो की स्केनिंग के लिए लंबी सूची चल रही है। इसी के साथ ही फगवाड़ा में एमरजेंसी ड्यूटी पर दो डाक्टरों की कमी है। फगवाड़ा के सिविल अस्पताल में लगातार डाक्टरों की कमी के कारण चिंता का विषय बनता जा है। फगवाड़ा के सिविल अस्पताल में महीने के किए सर्वे के मुताबिक 700 के करीब इएनटी डाक्टर की ओपीडी, स्किन विशेषज्ञ की 1200 के करीब ओपीडी, मनोचिकित्सक की 250 तथा रेडियोलोजिस्ट की 750 के करीब ओपीडी होती है।
जिसके कारण अगर आंकलन किया जाए तो फगवाड़ा के सिविल अस्पताल में करीब 35 से 40 हजार रुपए की ओपीडी का नुकसान हो रहा है। उधर सिविल अस्पताल में डाक्टरों की कमी के कारण मरीजों को महंगा इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इएनटी के डाक्टर प्रमोट होने के बाद उसके दफ्तर पर लटक रहा ताला।
डाक्टरों की पोस्ट खाली होेने की रिपोर्ट बना कर सीएमओ को भेजी
डाक्टरों की कमी के कारण सिविल अस्पताल में स्टाफ तथा डाक्टरों को भी एमरजेंसी में भी ड्यूटी के डाक्टरों को भी परेशानी हो रही है। इस संबंधी फगवाड़ा के एसएमओ दविंद्र सिंह का कहा पंजाब सरकार की अोर से नई भर्ती न होने के कारण डाक्टरों की भारी कमी आ रही है। उन्होंने कहा डाक्टरों की पोस्ट खाली होने की रिर्पोट बना कर सीएमओ कपूरथला को भेज दी गई है।