बाल विवाहों पर रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा
कलेक्टर ने उपखण्ड मजिस्ट्रेटों को कार्रवाई के दिए निर्देश
कार्यालय संवाददाता| करौली
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अभिमन्यु कुमार ने 18 अप्रैल अक्षय तृतीया एवं 29 अप्रैल पीपल पूर्णिमा व अन्य अबूझ सावों पर होने वाले बाल विवाहों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्यवाही करते हुए आमजन को जागरूक करें। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए अभियान चलाकर पता लगाया जाए, जिससे बाल विवाह नहीं हो। उन्होंने बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिए ग्राम एवं तहसील स्तर पर पदस्थापित विभागों के कर्मचारी, अधिकारी, वृताधिकारी, थानाधिकारी, पटवारी, भूअभिलेख निरीक्षण, ग्राम पंचायतों के सचिव, कृषि पर्यवेक्षक, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, साथिन, आशा सहयोगनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षा विभाग के अध्यापक, नगरपालिकाओं के कर्मचारी, जिला परिषद एवं पंचायत समिति के सदस्यों, वार्ड पंचों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों बाल विवाह रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करें।
कलेक्टर ने संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेटों को अक्षय तृतीया एवं पीपल पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बाल विवाहों के आयोजकों, मददगारों, कार्ड छापने वाले प्रेस मालिकों, पंडित, हलवाई, बैंडबाजा, वाहन मालिकों को बाल विवाह रोकथाम के लिए अपील करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अक्षय तृतीया, पीपल पूर्णिमा एवं अन्य अबूझ सावों पर जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने एवं बाल विवाह ना हो ऐसी व्यवस्था अपने स्तर पर कर कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि समस्त उपखण्ड मजिस्ट्रेट संबंधित क्षेत्र के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी कार्यवाही करने के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने बाल विवाह होने बाबत कोई भी शिकायत या परिवाद प्राप्त होने पर अपने कार्यालय में एक पंजिका संधारित कर उक्त परिवाद को दर्ज करें और जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही कर मामले का निस्तारण कर रिपोर्ट से अवगत कराएं।