पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • कमीशन की खातिर भोजन में कटौती, जांच करने के लिए पहुंचे दो अफसर

कमीशन की खातिर भोजन में कटौती, जांच करने के लिए पहुंचे दो अफसर

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नारौली डांग. केजीबीबी छात्रावास में जांच करते बीईईओ लखन लाल मीना व एबीईईओ रूपसिंह मीना।

भास्कर न्यूज | नारौली डांग

नारौली डांग कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास में अनियमितताओं की जांच भी उलझती जा रही है। फरवरी में गठित कमेटी जांच शुरू नहीं की तो जांच अिधकारी बदलना पड़ा। ब्लॉक शिक्षा अिधकारी (बीईईओ) लखनलाल मीना को 15 अप्रैल तक जांच पूरी करी रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन शुक्रवार को अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (एबीईईओ) रूपसिंह मीना को जांच के लिए भेजा गया। जांच पर सवाल उठा और शिकायत जिला शिक्षा अिधकारी (डीईओ) तक पहुंची तो ब्लॉक शिक्षा अिधकारी को जांच के लिए जाना पड़ा। गौरतलब है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास में भोजन सामग्री सहित अन्य कार्य करने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वय ऑफिस में दस प्रतिशत कमीशन देने की शिकायत राजस्थान संपर्क पोर्टल पर की गई थी।

ऐसे बदलते गए अफसर और अब तक पूरी नहीं हुई जांच
1. फरवरी में छात्रावास में पहली बार जांच कमेटी गठित की। कहने के बाद भी जांच पूरी नहीं हुई।

2. जांच शुरू नहीं होने पर जिला शिक्षा अिधकारी ने ब्लॉक शिक्षा अिधकारी को जांच सौंपी।

3. ब्लॉक शिक्षा अिधकारी ने अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अिधकारी को जांच करने भेजा।

4. सवाल उठने पर ब्लॉक शिक्षा अिधकारी को खुद जाना पड़ा। क्योंकि एबीईओ जांच मान्य नहीं होगी।
जिले के चार छात्रावासों में भ्रष्टाचार की शिकायत थी...करौली जिले में नारौली डांग, मासलपुर, दलपुरा व मेरसवा में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में विभिन्न सामग्री सप्लाई के मामले में अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वय ऑफिस में दस प्रतिशत राशि भेजने की शिकायत की गई थी। इसको लेकर छात्रावास में पौष्टिक आहार, भोजन में कटौती व अन्य आधारभूत सुविधाओं में कटौती करने के आरोप लगाए थे। इस पर जिला शिक्षा अिधकारी ने चारों छात्रावासों में जांच के लिए संबंधित ब्लॉक शिक्षा अिधकारी को जांच सौंपी गई। जांच रिपोर्ट 15 अप्रैल तक पूरी की जानी है।

जिला शिक्षा अिधकारी देवेन्द्र पाल सिंह तोमर बोले...

नारौली डांग में मैंने बीईईओ सपोटरा को जांच अधिकारी लगाया है। एबीईईओ की जांच रिपोर्ट नहीं मानी जाएगी। प्रकरण में 23 फरवरी को लगाए गए जांच अधिकारियों ने बार -बार कहने के बावजूद जांच नहीं की गई। इसके कारण जांच अधिकारी बदले गए हैं।

वार्डन, शिक्षिकाओं व छात्रों के लिए बयान...नारौली डांग में छात्रावास की जांच करने पहुंचे बीईईओ व उससे पहले एबीईईओ वार्डन, शिक्षिकाओं व विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए। छात्र-छात्राओं से पूछा गया कि उन्हें नाश्ते, भोजन में कितना और क्या-क्या और कितनी सामग्री दी जाती है। अंदेशा यह है कि कमीशन के खेल में छात्रावासों में विद्यार्थियों को निर्धारित मात्रा से कम भोजन व नाश्ता दिया जा रहा है। जल्दी ही जांच रिपोर्ट डीईओ को भेजी जाएगी।

खबरें और भी हैं...