निशुल्क दवा व जांच योजना से लोगों की दूर की भ्रांतियां
करौली. स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढीकरण के लिए करौली में आयोजित ब्लॉक स्तरीय सम्मलेन को संबाेधित करते मंचस्थ पदाधिकारी।
कार्यालय संवाददाता | करौली
प्रयास एवं सोसाइटी फॉर एस.एस.डी के संयुक्त तत्वावधान में नि:शुल्क दवा एवं निशुल्क जांच योजनांतर्गत मंगलवार को ब्लॉक स्तरीय सम्मेलन हुआ। जिसमें ब्लॉक सीएमएचओ दिनेश मीना ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि ज्यादा से ज्यादा सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क जांच व उपचार का लाभ उठाएं और फ्री की दवाइयां लें। उन्होंने ग्रामीणों की कई प्रकार की भ्रांतियां मिटाने के लिए कहा कि सरकारी दवाइयां विभिन्न प्रोसेसिंग से गुजरने के कारण प्राईवेट मेडिसन के मुकाबले अच्छी होती है। झोलाछापों से इलाज कराना स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना है, इसलिए सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर भी अनुभवी होते हैं।
प्रयास की कॉर्डिनेटर छाया पंचोली ने राजस्थान में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा और जांच योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में दवा और जांच के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने दवाओं के असर कार होने या नहीं होने की पनपी ग्रामीणों में भ्रान्ति को दूर किया। उन्होंने कहा कि सरकारी दवाएं तीन बार लैब में टेस्ट होकर के प्रोसेस में आती हैं और सरकारी अस्पतालों में अनुभवी व स्वास्थ्य डिग्रीधारी वाले डॉक्टर होते हैं। उल्लेखनीय है कि प्रयास द्वारा निशुल्क दवा व जांच परियोजना के तहत जिले में करौली और नादौती में परियोजना का कार्य चल रहा है। जिससे लोगों को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।
डीपीएम आशुतोष पांडे ने भामाशाह योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा बच्चा हो, जो गंभीर बीमारी जैसे दिल में छेद जैसी बीमारी से ग्रसित हो तो सरकार द्वारा निशुल्क इलाज होता है। सम्मेलन में भ्रूण हत्या का विरोध करने तथा बेटी बचाओ अभियान में सहभागिता निभाने पर जोर दिया। सोसाइटी फॉर सस्टेनेबल डवलपमेंट के सचिव अरुण जिंदल एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जया माली ने सभी से सरकारी अस्पताल में ही इलाज कराने की बात कही। इस दौरान एसएसडी के निदेशक अरुण जिंदल, एसडब्ल्यूएस से फजले अहमद, खनन श्रमिक जन सुरक्षा समिति करौली के हेमराज माली, घनश्याम लोधा, निरंजनसिंह माली एवं सामाजिक न्याय विकास समिति नादौती के ब्लॉक कॉर्डिनेटर लक्ष्मीनारायण मीना मौजूद थे।