पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • थंब इंप्रेशन लेने के लिए गांव से दूर पहाड़ी या खुले जंगल में होता है राशन सामग्री का वितरण

थंब इंप्रेशन लेने के लिए गांव से दूर पहाड़ी या खुले जंगल में होता है राशन सामग्री का वितरण

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पॉश मशीनों से वितरण भले ही शुरू कर दिया हो, लेकिन करणपुर डांग क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों के राशन डीलरों को नेटवर्क की असुविधा पॉश मशीनों के लिए मुसीबत बनी हुई है। सबसे गंभीर समस्या डांग क्षेत्र की राहिर ग्राम पंचायत में है, यहां नेटवर्क ही नहीं आने से उपभोक्ताओं को चार माह से राशन नहीं मिल रहा है। राशन लेने के लिए पॉश मशीन में अंगूठा लगाने को राशन डीलर कहीं तो पहाड़ी पर तो कहीं पेड़ व छतों पर राशन धारक को ले जाते है तब राशन सामग्री मिल पाती है। अगर वहां भी नेटवर्क नहीं आया तो फिर कई घंटों के बाद नंबर आता है। यह नजारा करणपुर, महाराजपुरा, टोडा व राहिर सहित कई ग्राम पंचायतों में देखने को मिल रहा है। जहां नेटवर्क कनेक्टिविटी की विकट समस्या बनी हुई है। अगर कहीं कोई वृद्ध और विकलांग की बात की जाए तो उनको राशन के लिए इतनी दूर जाना मुश्किल होगा।

निभेरा में ऐसे बांटते हैं राशन सामग्री : डीलर 10 किमी दूर मरमदा घाटी ट्रैक्टर से सामग्री लेकर जाता है, वहां पेड़ पर चढ़ कर पोस मशीन में लेता है अंगूठे के निशान

महाराजपुरा में तीन किमी दूर टीलों, करणपुर व टोडा में छत पर लेना पड़ता है थंब इंप्रेशन

निभेरा ग्राम पंचायत का राशन डीलर ग्राम पंचायत मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर मरमदा घाटी में अपनी राशन सामग्री को ट्रैक्टर में भरकर ले जाता है और वहां पेड़ पर चढ़कर पॉश मशीन में अंगूठा लगाते हैं। करौली जिले की अंतिम छोर पर चंबल किनारे बसी ग्राम पंचायत महाराजपुरा के ग्रामीण गांव से करीब 3 किमी दूर ऊंचे स्थान मिट्टी के टीलों पर जाते हैं व करणपुर व टोडा ग्राम पंचायत के ऊंचाई वाली छतों पर चढ़कर अंगूठा लगवाते हैं और राशन नीचे वितरण किया जाता है। जबकि राहिर ग्राम पंचायत में नेटवर्क ही नहीं है, यहां रजिस्टर से ही ग्रामीणों को राशन वितरण किया जाता है, लेकिन चार माह से राहिर गांव में राशन सामग्री नहीं मिल रही है।

राहिर : फरवरी व मार्च का गेहूं बंटा नहीं, अप्रैल-मई का डीलर ने उठाया नहीं

करणपुर-महाराजपुरा-टोडा व राहिर पंचायतों में डीलरों को खाद्य सामग्री वितरण में मुश्किलें, उपभोक्ताओं से आए दिन तू-तू मैं-मैं

करणपुर. निभेरा पंचायत से दस किमी दूर जंगल से राशन सामग्री लेकर जाते ग्रामीण।

राहिर पंचायत में एक साल पहले पॉश मशीन में नेटवर्क नहीं आने से रसद विभाग ने राशन डीलर को रजिस्टर से राशन वितरण के आदेश दिए थे। तब से गांव के लोगों को रजिस्टर में इन्द्राज कर राशन बांटा जा रहा था, लेकिन करीब चार माह पहले रसद विभाग से राहिर गांव में नेटवर्क की जांच करने को एक दल आया था। उन्होंने राशन डीलर को रजिस्टर से राशन सामग्री बंद कराकर राहिर के अटल सेवा केन्द्र पर राशन वितरण करने के निर्देश दे दिए लेकिन अटल सेवा केन्द्र न तो सौर उर्जा से संचालित है और न ही वहां कोई नेटवर्क है। ऐसे में चार माह से न तो पॉश मशीन से और न ही रजिस्टर से उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिल रहा है। राहिर ग्राम पंचायत के राशन डीलर जगमोहन मीना ने फरवरी व मार्च का गेहूं व केरोसीन पॉश मशीन में नेटवर्क नहीं आने से वितरण नहीं किया है तथा अप्रैल व मई माह का गेहूं व तेल ही नहीं उठाया है। इससे करीब 300 राशन कार्ड धारियों को चार माह से राशन वितरण नहीं किया है।

राजनेट की व्यवस्था

इन पंचायतों के अटल सेवा केन्द्रों पर राजनेट की व्यवस्था है लेकिन बिजली नहीं आने के कारण नेट नहीं चलता है। अगर बिजली की पर्याप्त व्यवस्था हो जाती है तो अटल सेवा केन्द्र राजनेट से पॉश मशीन चल जाएगी। अमित वर्मा, जिला रसद अधिकारी करौली

नेटवर्क की गंभीर समस्या

पहले उपभोक्ताओं को रजिस्टर से ही राशन सामग्री वितरण की जाती थी, लेकिन अब रसद विभाग से पॉश मशीन से ही राशन वितरण करने के निर्देश है, लेकिन नेटवर्क नहीं आने से राशन वितरित नहीं हो रहा है। जगमोहन मीना, राशन डीलर राहिर

खबरें और भी हैं...