शहर में तीन बड़ के पास रविवार से श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ हुई। कथा शुभारंभ से पहले गाजे-बाजे के साथ शहर के प्रमुख मार्गों में होकर भव्य कलश यात्रा निकली। जिसमें कथावाचक आचार्य सोनू शास्त्री बहादुरपुर वाले घोडी पर सवार होकर निकले। जगह-जगह कलश यात्रा का स्वागत हुआ।
तीन बड़ के पास के निवासी एवं कथा के आयोजक बनै सिंह गुर्जर ने बताया कि रविवार को भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ है। बैंड बाजों के साथ निकली कलश यात्रा में काफी संख्या में धर्मप्रेमी लोगों ने भाग लिया। कलश यात्रा में भागवताचार्य पंडित सोनू शास्त्री बहादुरपुर वालों को घोड़ी पर बैठा कर निकाला। कलश यात्रा का शहर में कई स्थानों पर स्वागत तथा घोडी पर बैठे आचार्य शास्त्री का अभिनंदन किया गया। कलश यात्रा प्रात: 8 बजे बनै सिंह गुर्जर के आवास से शुरू हुई तथा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुन: कथा स्थल पर पहुंची। कलश यात्रा में महिलाओं ने धार्मिक भजनों की सुमधुर धुनों पर जमकर नृत्य किया। कथा के पहले दिन भागवताचार्य सोनू शास्त्री बहादुरपुर वालों ने कहा कि भागवत भगवान का रूप है। नित्य नियम से भागवत सुनने से मन को शांति तो मिलती है ही, साथ ही मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त होता है। आचार्य शास्त्री ने कहा कि अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। भागवत कथा के दौरान भजन संगीत कार्यक्रम का आयोजन भी हुआ।
करौली. श्रीमद् भागवत कथा से पूर्व निकाली कलश यात्रा।