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बूंदी जिला आबकारी अधिकारी, सीआई और ड्राइवर ढाई लाख घूस लेते पकड़े

3 वर्ष पहले
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बूंदी | चित्तौड़गढ़ एसीबी ने बुधवार शाम बूंदी में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला आबकारी अधिकारी कमलेश परमार, आबकारी निरीक्षक मनीषा राजपुरोहित और उसके ड्राइवर रूपलाल को ढाई लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की एक टीम ने परमार को उनके देवपुरा के शीतला नगर में किराए के मकान से डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए और दूसरी टीम ने आबकारी निरीक्षक व उनके ड्राइवर को एक लाख की रिश्वत के साथ जिला आबकारी कार्यालय से गिरफ्तार किया। आबकारी निरीक्षक के लिए ड्राइवर ने रिश्वत में एक लाख रुपए लिए थे। ढाई लाख की रिश्वत शराब की दुकान की लोकेशन बदलने और मासिक बंधी के रूप में ली। दो बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी से आबकारी महकमे में हड़कंप मच गया। चित्तौड़गढ़ एसीबी के एएसपी चिरंजीलाल मीणा के नेतृत्व में दो सीआई के साथ 15 सदस्यीय टीम ने यह कार्रवाई की। इनमें लेडी कांस्टेबल भी शामिल थीं। गुरुवार को तीनों आरोपियों को कोटा की एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा। इधर, गिरफ्तार आबकारी निरीक्षक मनीषा ने सवाई माधोपुर में तैनात सहायक आबकारी अधिकारी परमानंद पाटीदार पर फंसाने सहित गंभीर आरोप लगाए।

दो घंटे तक चली कार्रवाई

एसीबी एएसपी चिरंजीलाल मीणा ने बताया कि बूंदी जिले के लांबाखोह गांव के भगवतसिंह और हिम्मतसिंह ने 11 मई को चित्तौड़गढ़ चौकी पर रिपोर्ट दी। जिसके मुताबिक गणेशपुरा (डाबी) में उनका देशी शराब का ठेका है। बिक्री कम होने के कारण वे शराब ठेके की लोकेशन बदलकर देवाजी का खेड़ा गांव करना चाहते थे। वे लोकेशन बदलवाने के लिए कई दिनों से इन अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। इसके बदले जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षक एक-एक लाख रुपए मांग रहे थे। इसके बाद एसीबी ने उसी दिन 11 मई को ही शिकायत का सत्यापन करवाया। सत्यापन में जिला आबकारी अधिकारी ने 3 लाख रुपए मांगे। इसमें 2 लाख रुपए ठेके की लोकेशन बदलने के और एक लाख रुपए जनवरी से बकाया चल रही ठेके की बंधी के शामिल थे। फिर सौदा ढाई लाख में सौदा तय हो गया, पर उस रोज आबकारी निरीक्षक से बात नहीं हो सकी। इसके बाद 12 और 13 मई की छुट्टी आ गई। 14 मई को इन अधिकारियों की कोटा में मीटिंग थी।

इधर, धोखाधड़ी का आरोपी जैन गिरफ्तार, जमानत अर्जी खारिज

जोधपुर | जाली दस्तावेज के आधार पर बेचान की गई जायदाद को खुद की बता 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में उदय मंदिर पुलिस ने सोमवार को आरोपी पाल लिंक रोड महावीर नगर निवासी बाबूलाल जैन (62) पुत्र पोकरदास को गिरफ्तार किया। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

बुधवार को आरोपी जैन की तरफ से सेशन कोर्ट में पेश जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। गत माह हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग ने धोखाधड़ी के आरोपी बाबूलाल जैन को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। बाबूलाल के खिलाफ परिवादी संगीता गुप्ता ने धोखाधड़ी का मामला उदय मंदिर थाने में दर्ज कराया था। मई 2012 में गुप्ता से जैन ने संपर्क कर कहा, कि उसकी एक प्रोपर्टी बाड़मेर में है और रुपए की जरूरत के चलते उसे बेचना चाहता है।

जाली दस्तावेज के आधार पर बेचान की गई जायदाद अपनी बताई 10 लाख भी हड़पे

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