जलस्राेताें मेंं ब्लीचिंग पाउडर की मात्रा बढ़ाकर डालेंगे मैदानी स्वास्थ्यकर्मी
कराहल | अादिवासी अंचल मेंं दूषित पानी के सेवन के चलते अस्पताल में उल्टी, दस्त, पीलिया एवं पेट संबंधी बीमारी के मरीज बढ़ रहे है। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सीएमएचअो डॉ. एनसी गुप्ता द्वारा स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को गांव के जलस्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर की मात्रा बढ़ाकर ढालने को कहा गया है। दरअसल वनांचल में कुएं अाैर बावड़ी में उपलब्ध पानी में बैक्टीरिया की मात्रा अधिक है। हैंडपंप अाैर स्कीमबाेर नकारा हाेने की वजह से ग्रामीणाें काे कुएं- बावड़ी का पानी पीकर प्यास बुझाने को मजबूर होना पड़ रहा है। दूषित पानी के इस्तेमाल से लोगों में जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मैदानी अमले को जलाशयों में ब्लीचिंग पाउडर की मात्रा बढ़ाने और ग्रामीणों को ऐहतियाती उपाय बताने के लिए कहा है।