कैलाश सुखवाल | खटवाड़ा (भीलवाड़ा)
किसान परंपरागत खेती के साथ नई तकनीक का इस्तेमाल कर उत्पादन बढ़ाने में लगे हैं। रानीखेड़ा गांव के किसान हरिलाल जाट ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत उद्यान विभाग के अनुदान पर 4000 वर्गमीटर में एक साल पहले रानीखेड़ा मैन रोड पर पॉली हाउस लगाया। हरिलाल ने बताया कि इसकी लागत 33.76 लाख रुपए आई थी।
इसमें से 23.63 लाख रुपए हिस्सा राशि के रूप में जमा कराए। सरकार सेे 4000 वर्ग फीट पॉलीहाउस पर 10 लाख 12 हजार 800 रुपए अनुदान मिला। पॉली हाउस में उसने अभी खीरा-ककड़ी लगा रखी हैं। वे प्रत्येक दूसरे दिन करीब एक टन खीरा-ककड़ी तोड़ते हैं। इन्हें भीलवाड़ा मंडी में बेचते हैं। पहले खीरा-ककड़ी का भाव 20 से 25 रुपए प्रति किलो मिला। अभी इनका भाव 10-15 रुपए किलो है। हरिलाल ने बताया कि पहली बार खीरा-ककड़ी बोकर उसने अब तक 8.30 लाख रुपए की कमाई की है। अभी करीब 8 बार और खीरा ककड़ी की तुड़ाई की जाएगी। उसे उम्मीद है कि एक साल में उसके पॉलीहाउस की लागत निकल आएगी।
खटवाड़ा. रानीखेड़ा गांव में हरिलाल जाट के पॉली हाउस में लगाई गई खीरा-ककड़ी।