करणपुर | जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर महेश्वरा के घोर जंगलों के बीच रोज तीन घंटे तक चारों ओर अग्नि के ढेर के बीच में बैठकर क्षेत्र में अमन चैन और शांति के लिए बाल योगी श्री त्यागी जी महाराज अग्नि तपस्या करते है। अयोध्या वासी महा मण्डलेर ब्रह्म ऋषी निमियाजी महाराज के 32 वर्षीय शिष्य बाल योगी श्री त्यागी जी महाराज महेश्वरा के जंगलों में पिछले चार माह से अग्नि तपस्या कर रहे हैं। जिन्होंने 15 साल से अन्न का त्याग कर रखा है और लोगों को अच्छे मार्ग पर चलने का उपदेश देते है। त्यागी जी महाराज स्नान कर नए वस्त्र पहनकर दोपहर 12 बजे से अग्नि के बीच बैठ जाते है और दोपहर 3 बजे तक भजन में लीन रहते है। यह अग्नि तपस्या अभी एक माह और चलेगी। वह संत महेश्वरा धाम पर चार साल से हर साल अग्नि तपस्या करते हैं। यूं तो जिले में कई प्रमुख पयर्टन स्थल है,लेकिन करणपुर डांग क्षेत्र में बारिश के दिनो में महेश्वरा का झरना लोगों को लुभाता है। जहां करीब 150 फिट ऊंचाई से पानी गिरता है तथा यहां रस्सियां के सहारे नीचे उतरते हैं। इस स्थान पर प्रति रूपी गुफाएं व शिवलिंग बने हुए हैं और शिवलिंग के ऊपर दूध जैसा पानी टपकता है। जो कभी बंद नहीं होता है। करीब सौ फिट की ऊंचाई पर शिलाजीत व मधु मक्खियों के छत्ते बने हुए है।