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60,000 जीएनएम विद्यार्थी लगा रहे प्रशासन के चक्कर, दो साल से नहीं हुए एग्जाम

3 वर्ष पहले
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मंगलवार को रोहतक, भिवानी से लगभग 30 जीएनएम की छात्राएं अपनी दरखास्त लेकर डीसी ऑफिस पहुंची। जहां करीब तीन घंटे के लंबे इंतजार के बाद डीसी आदित्य दहिया उनकी बात सुनने के लिए पहुंचे।

रोहतक की जीएनएम सविता ने बताया कि उन्होंने साल 2016 में केवीएम कॉलेज में एडमिशन लिया था। लेकिन दो साल होने के बाद भी आज तक उनके एग्जाम नहीं हुए। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश के नर्सिंग संस्थानों में लगभग 60000 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया हुआ है, जिनमें एएनएम और जीएनएम दोनों शामिल हैं। इसके बावजूद साल 2016 से 2018 तक किसी भी कैटेगरी के एग्जाम नहीं हुए हैं। उनके द्वारा सात मार्च से पांच अप्रैल तक भिवानी, सोनीपत, करनाल, हिसार, रोहतक, चरखी दादरी, रेवाड़ी, नारनौल और महेंद्रगढ़ में हड़ताल की गई थी। हड़ताल के बावजूद उनकी समस्या का कोई हल नहीं किया गया। इसके अलावा उन्हें कोर्स से बाहर निकालने की धमकियां दी गई थी। बताया गया कि फतेहाबाद से संबंध रखने वाली नर्सिंग छात्रा रेणु बाला ने 15 मार्च 2017 को सुसाइड किया। इसके साथ ही कई छात्राएं पढ़ाई के मानसिक दबाव के चलते सुसाइड कर चुकी है। कहा गया कि अगर यही हालात रहे तो सरकार का बेटियों को पढ़ाने का नारा गलत साबित होगा।

करनाल. जीएनएम की परीक्षा न होने से परेशान छात्राएं लघु सचिवालय में डीसी से मिलने पहुंचीं।

एक हफ्ते में आ जाएगी डेटशीट मिल रहा आश्वासन

लंबे इंतजार के बाद डीसी आदित्य दहिया ने सभी जीएनएम छात्राओं से कहा कि एक हफ्ते के अंदर उनके एग्जाम की डेटशीट आ जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वह कॉलेज के डायरेक्टर से बात कर उनकी समस्या को जल्द से जल्द हल करवाने का प्रयास करेंगे। इस पर छात्राओं ने कहा कि उन्हें हर जगह से आश्वासन ही मिल रहे हैं, लेकिन रिजल्ट कहीं से नहीं मिल रहा।

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