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घाटा पूरा करने के लिए 310 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काट नुकसान की भरपाई करेगा विभाग

3 वर्ष पहले
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निजी 720 बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत सड़कों पर उतारने की पॉलिसी के विरोध में रोडवेज के चक्का जाम का जिले में पूरा असर दिखा। बस स्टैंड पर बसें खड़ी कर ड्राइवर-कंडक्टर विभाग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। चक्काजाम से रोजाना सफर करने वाले 20 हजार के करीब लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत महिला, बुजुर्ग, बच्चों और विद्यार्थियों को हुई। रोडवेज की बसें न चलने से जहां एक ही दिन में विभाग को 12 लाख का घाटा हुआ, वहीं प्राइवेट बसों की खूब कमाई हुई। घाटे को पूरा करने के लिए विभाग करीब 310 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटेगा। प्रदेश में हड़ताल के चलते दूसरे राज्यों की बसें भी ओवरलोड जीटी रोड पर दौड़ती दिखाई दी। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन की हड़ताल में कर्मचारी महासंघ, सर्वकर्मचारी संघ, इंटक, चालक संघ, संयुक्त संघर्ष समिति, एससी कर्मचारी संघ व परिचालक संघ ने हिस्सा लिया।

इसका विरोध: निजी 720 बसों को किमी स्कीम के तहत चलाने के विरोध में की गई हड़ताल

सुबह से ही बस अड्‌डे पर भटकते रहे मुसाफिर

बस स्टैंड पर 75 वर्षीय बुजुर्ग रामकिशन अपने पोते संजू के साथ असंध के बस काउंटर पर पहुंचा, जहां उसने देखा बसें तो खड़ी थी पर उन्हें चलाने वाला कोई नहीं था। साथ में रोडवेज कर्मचारी नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे करनाल में पास के गांव में रिश्तेदारों के यहां पर आए थे उन्हें नहीं पता था कि आज हड़ताल के कारण बस नहीं मिलेंगी।

187 बसों में से 21 बसों ने कराई यात्रा

रोडवेज डिपो में 187 बसे हैं। जिनमें से 21 बसें ऑन रोड रही। सभी बसों से एक दिन में तकरीबन 15 लाख रुपए कैश आता है। कर्मचारियों की हड़ताल के विभाग को घाटा हुआ है। -अश्विनी डोगरा, जीएम रोडवेज करनाल।

करनाल. रोडवेज की हड़ताल के चलते प्राइवेट बस की छत पर बैठ यात्रा करते लोग।

निजी बसों को शामिल करने का हो रहा खेल

एसकेएस के महासचिव अनिल कुंडू ने कहा कि सरकार अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए किमी. स्कीम लाना चाहती है। निजी बसों को किमी. के बहाने रोडवेज बेड़े में शामिल करने का खेल खेल रही है, जिसको सहन नहीं किया जाएगा। रोडवेज की एक बस माह में सरकार को 80 से 85 हजार रुपए टैक्स देती है, जबकि प्राइवेट बस 10 से 12 हजार टैक्स देती है। फिर भी सरकार प्राइवेट बस लगाना चाहती है।

असर: रोजाना 20 हजार के करीब यात्रा करने वाले लोग हुए परेशान, निजी बसें चलीं ओवरलोड

यमुनानगर, पेहवा, कैथल की सवारियां ज्यादा परेशान

बस स्टैंड पर यमुनानगर, पेहवा, कैथल, हरिद्वार जाने वाले यात्री बस न मिलने से परेशान रहे। यात्री बस स्टैंड के तीनों ओर साधन ढूंढ़ते रहे रहे। जिले सिंह व उनकी प|ी को हरिद्वार, तारो देवी काे रमाना, कृष्ण देवी को कैथल, लक्ष्मी देवी को कुचपुरा और विद्या देवी को काछवा जाना था, बस नहीं मिल रही थी।

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