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9 ओवरलोड ट्रक छोड़ भागे ड्राइवर, टीम ने 25 किए इंपाउंड

3 वर्ष पहले
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हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर शामली के आरटीए ने ओवरलोड गाड़ियों के टायरों को काटने की कार्रवाई से हरियाणा की तरफ यूपी की गाड़ियां रुक गई हैं। इससे मेरठ रोड पर जाम की समस्या को देखते हुए आरटीए टीम चेकिंग के लिए पहुंची तो चालक सड़क पर ही गाड़ी छोड़कर फरार हो गए।

टीम ने इन गाड़ियों पर नई चाबियां लगवाकर स्वयं की ड्राइविंग करके अपने कब्जे में लिया। बॉर्डर पर हरियाणा की तरफ खड़ी सभी गाड़ियों में 20 से 25 टन ओवरलोड मिला है। एक-एक गाड़ी पर 50 हजार से लेकर 65 हजार रुपए चालान किए गए हैं। जब इस चालान का भुगतान हो जाएगा, तभी इन गाड़ियों को छोड़ा जाएगा। ओवरलोड गाड़ियां कैसी पकड़ी जाती है और ओवरलोड माफिया किस प्रकार से टीम के सामने गिड़गिड़ाते हैं, इसको चेक करने के लिए दैनिक भास्कर टीम ने भी चेकिंग टीम के साथ तीन घंटे रहे। इस दौरान 25 ड्राइवर और हेल्परों का सामना हुआ ट्रक रुकवाते ही मोबाइल निकालते हैं। कोई मंत्री का भतीजा बताता है तो कोई एमएलए का रिश्तेदार। लेकिन टीम भी इनकी झूठी शान को समझ गई है। ऐसे ड्राइवरों के सबसे पहले मोबाइल लिए जाते हैं। इस दौरान टीम ने 25 ट्रकों को इंपाउंड किया। जिसमें से 9 ट्रकों के ड्राइवर ट्रक छोड़ भाग गए थे टीम ने उन ट्रकों के लॉक तुड़वा गाड़ी चलाकर अपने कब्जे में लेने के लिए शुगर मिल में खड़ी करवाई।

करनाल. ट्रकों के चालकों को ट्रक के पास ले जाते आरटीए टीम के सदस्य।

साहब, लॉक ना तोड़ो: मंगलौरा के पास एक साथ यूपी नंबर की चार ओवरलोड गाड़ी पकड़ी। इनमें 20 से 22 टन ओवरलोड मिला। तीन ड्राइवरों ने सरेंडर कर दिया। एक ड्राइवर मौका देखकर खेतों की तरफ भाग गया। टीम ने नई चाबी लगाने वालों को बुलाया और लॉक तुड़वाने लगे तो हेल्पर ही ड्राइवर बन गया। हेल्पर ने कहा कि साहब, गाड़ी का लॉक ना तुड़वाओ। मैं देखता हूं चाबी मिल जाएगी।

अनिल भारद्वाज | करनाल

हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर शामली के आरटीए ने ओवरलोड गाड़ियों के टायरों को काटने की कार्रवाई से हरियाणा की तरफ यूपी की गाड़ियां रुक गई हैं। इससे मेरठ रोड पर जाम की समस्या को देखते हुए आरटीए टीम चेकिंग के लिए पहुंची तो चालक सड़क पर ही गाड़ी छोड़कर फरार हो गए।

टीम ने इन गाड़ियों पर नई चाबियां लगवाकर स्वयं की ड्राइविंग करके अपने कब्जे में लिया। बॉर्डर पर हरियाणा की तरफ खड़ी सभी गाड़ियों में 20 से 25 टन ओवरलोड मिला है। एक-एक गाड़ी पर 50 हजार से लेकर 65 हजार रुपए चालान किए गए हैं। जब इस चालान का भुगतान हो जाएगा, तभी इन गाड़ियों को छोड़ा जाएगा। ओवरलोड गाड़ियां कैसी पकड़ी जाती है और ओवरलोड माफिया किस प्रकार से टीम के सामने गिड़गिड़ाते हैं, इसको चेक करने के लिए दैनिक भास्कर टीम ने भी चेकिंग टीम के साथ तीन घंटे रहे। इस दौरान 25 ड्राइवर और हेल्परों का सामना हुआ ट्रक रुकवाते ही मोबाइल निकालते हैं। कोई मंत्री का भतीजा बताता है तो कोई एमएलए का रिश्तेदार। लेकिन टीम भी इनकी झूठी शान को समझ गई है। ऐसे ड्राइवरों के सबसे पहले मोबाइल लिए जाते हैं। इस दौरान टीम ने 25 ट्रकों को इंपाउंड किया। जिसमें से 9 ट्रकों के ड्राइवर ट्रक छोड़ भाग गए थे टीम ने उन ट्रकों के लॉक तुड़वा गाड़ी चलाकर अपने कब्जे में लेने के लिए शुगर मिल में खड़ी करवाई।

टीमों को 24 घंटे चेकिंग के दिए निर्देश

दोनों टीमों को 24 घंटे चैकिंग करने के निर्देश दिए हुए हैं। टीमों ने एक करोड़ का रेवेन्यू कर दिया है। ओवरलोड वाहनों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जो लॉक तुड़वाने का खर्चा आता है, वह गाड़ी के संचालक की तरफ से भुगतान करवाया जाता है। ताकि इस तरह सड़क पर गाड़ी छोड़कर ड्राइवर ना भागे। -निशांत कुमार यादव, एडीसी कम आरटीए करनाल।

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