कस्बे के गांव लाहली में एक किसान ने दिल्ली के गांव निलौठी से आकर जमीन खरीदी थीं। किसान हरीकिशन पहलवान ने बताया कि शुरुआती दौर में घर पर एक साहीवाल गाय घर मे दूध पीने के लिए रखी थी, वो उस समय गांव में पहलवानी करते थे। अब हालात ये हैं कि फार्म में अब 35-40 लीटर वाली बहुत गाय मौजूद हैं। दूध अधिक होने के करण अब पार्लर की व्यवस्था की जा रही है। जल्द प्लांट लगाकर अपने नाम से दूध मार्किट में दिया जाएगा। इसमें और फायदा होगा। दूध अभी अमूल की ओर से खरीद जा रहा है।
जब गाय गर्भधान के लिए गर्मी(हिट) अथवा नए दूध होने आई तो करनाल में एनडीआरआई से कृत्रिम गर्भधान के लिए सीमन लेने गए हुए थे, तो वह डॉक्टरों ये राय ली। डेयरी व्यवसाय कैसा है। पूरी जानकारी लेकर दूध से आमदनी शरू हुई तो वे पंजाब व राजस्थान से पांच गाय ओर ख़रीद कर लाए। इसके बाद उनको नए दूध व गाभिन करवाने के लिए अच्छे डेयरी संचालको से संपर्क किया। अच्छा सीमन से गर्भधान होता है तो आने वाले समय में अच्छी बछड़ी पैदा होगी। अधिक दूध देगी तो उन्होंने वही काम किया। आज उनके पास 500 गाय फार्म में मौजूद हैं। वो दूध निकालने के लिए हाईटेक तकनीकी के तहत दूध निकलते हैं। जो तकरीबन 32 क्विंटल दूध उपलब्ध है। जो अभी फार्म पर तक़रीबन 400 गाय मौजूद है।
500 गायें पाल रहे, मशीनों से दूध निकाल, अमूल को देते हैं सप्लाई
अब चिलिंग प्लांट लगाने का काम शुरू किया है
किसान द्वारा बीमारियों से बचने के लिए समय पर गायो का टीकाकरण करवाया जाता हैं ताकि उन्हें बीमारी से बचाया जा सके। किसान हरीकिशन ने बताया कि वे कही मेहनत करते है और बछड़ी के देखभाल के लिए अछि फिड डालते हैं, ताकि अच्छी ग्रोथ हो और समय पर नए दूध होकर अच्छी अामदनी दें। किसान हरीकिशन पहलवान ने बताया कि अब तो अच्छी गाय रखते हैं। वो मशीनों द्वारा गाय का दूध निकालते हैं और अब उन्हें अपने फार्म को ओर आगे बढ़ने के लिए उच्च तकनीकी का इस्तेमाल करने के लिए दूध का चिल्लिंग प्लांट बनाने के लिए काम शुरू किया हुआ है। उनकी गायों ने कई ईनाम भी जीते हैं।