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आपत्तिकर्ताओं ने सर्वे पर उठाए सवाल बोले-पुरानी वार्डबंदी से होने चाहिए चुनाव

3 वर्ष पहले
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आपत्तिकर्ताओं ने वार्डबंदी के साथ-साथ शहर के जनसंख्या सर्वे पर सवाल उठाए हैं। आपत्तिकर्ताओं ने कहा कि वार्डबंदी का यह सर्वे ही गलत है। उनकी सभी आपत्तियां सर्वे से जुड़ी हुई है। इसलिए या तो सर्वे दोबारा होना चाहिए या फिर पुरानी वार्डबंदी से ही नगर निगम के आगामी चुनाव होने चाहिए। इस मामले की जांच होनी चाहिए, जो भी जिम्मेदार हो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

हालात ये हैं कि वार्डबंदी में किसी कॉलोनी को गैर वाजिब जगह जोड़ दिया गया तो किसी की जनसंख्या के आंकड़े को उलट-पुलट किया हुआ है। कई कॉलोनियों के वोटरों को ही बांट दिया गया है। इतना ही नहीं एक ही परिवार के लोगों की वोटों को दो वार्डों में डिवाइड कर दिया गया है। आपत्तिकर्ताओं ने कहा कि कमेटी से भी उन्हें अपने आपत्तियों के समाधान के लिए संतुष्टिजनक जवाब नहीं मिल रहे हैं। इस हाल में उन्हें कोर्ट जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वार्डबंदी की आपत्तियों की सुनवाई के शृंखला में दूसरे दिन 18 आपत्तियों पर सुनवाई की गई। आपत्तिकर्ता वार्ड-15 के पार्षद सतीश कुमार ने कहा कि उनका वार्ड-15 है, अब नई वार्डबंदी में 6 कर दिया गया है। सेक्टर-4 उनके वार्ड से लगता है, लेकिन उसे उसके वर्तमान वार्ड 6 से बाहर कर दिया गया है। इसलिए सेक्टर-4 को उसके वार्ड छह से जोड़ा जाए और सिरसी व मधुबन को वार्ड पांच में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि कमेटी की तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला है। ऋषि नगर जो पहले सर्वे रिपोर्ट में कहीं नहीं दिखाया गया था अब दिखाया जा रहा है। इससे जाहिर होता है कि सर्वे ही गलत है। यह सर्वे दोबारा होना चाहिए या फिर पुरानी वार्डबंदी से चुनाव होने चाहिए। अगर सर्वे गलत मिलता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

यह सर्वे ही गलत है, जिस कारण समस्याएं बनी हैं: अशोक

वार्ड-5 से पार्षद के पति रोहताश लाठर व समाज सेवी दिनेश बख्शी ने कमेटी के सामने आपत्ति उठाई कि कृष्ण कॉलोनी को मेरठ रोड की लेफ्ट में दिखाया गया है, जबकि यह कॉलोनी लेफ्ट में स्थित है। इस कॉलोनी को रामपुरा कटाबाग में रखना चाहिए। कमेटी ने कहा है कि मौका देखकर इसके बारे में बताया जाएगा। आपत्तिकर्ता अमरीश चौधरी, देवेंद्र कुमार, सुरेंद्र, राकेश व चंद्राहास ने कहा कि ब्राइट सन स्कूल सूरज नगर में पड़ता है, लेकिन वार्डबंदी में इस स्कूल का नाम तो है, परंतु सूरज नगर का कहीं कोई नाम ही नहीं है। कृष्ण कॉलोनी व भट्‌ठा कॉलोनी हाईवे के आउट साइड दिखा रखी है, जो कि दक्षित साइड में है। सूरज नगर व गोपीवाली गामड़ी एक जगह होनी चाहिए। जिसमें कमेटी ने कहा कि चेक करके कॉलोनी को दर्शा दिया जाएगा। अशोक कुमार ने कहा कि अशेाक विहार और कंबोपुरा 50 सालों से एक साथ है। अशोक विहार को वार्ड-5 में कर दिया गया है। यह सर्वे ही गलत है, जिस कारण यह समस्याएं बनी हैं।

समस्या का सही निस्तारण नहीं किया तो कोर्ट जाएंगे

आपत्तिकर्ता मेहर सिंह, बसंत राणा, महेंद्र सिंह, रमेश कुमार, दल सिंह, बृज, जोगेंद्र ने वार्डबंदी की आपत्ति रखते हुए कहा कि पहले निर्मल विहार वार्ड-7 में था, अब इसे फूसगढ़ के साथ जोड़ दिया गया है। इससे लोगों की सहमति भी नहीं ली गई है। इस पर कमेटी ने कहा कि वार्डबंदी को क्या लोगों से पूछकर बनाएंगे। अगर कोई लीगल प्वाइंट है तो बनाएं। आपत्तिकर्ताओं ने कहा कि अगर समस्या का सही ढंग से निस्तारण नहीं किया तो कोर्ट में जाएंगे।

बीसी वार्ड को जबरदस्ती बनाया जा रहा जनरल

आपत्तिकर्ता गोपीवाली गामड़ी निवासी सुभाष कश्यप, सुरेश सैनी, मोहन, राममेहर, सोनू आदि ने कहा कि अंशुल टाउन, गोपी वाली गामड़ी, कटा बाग, विकास कॉलोनी, सेक्टर-4 को वार्ड पांच में किया गया है। इन कॉलोनियों में बीसी की जनसंख्या 8 हजार है जबकि जनरल की 2 हजार है, लेकिन इस वार्ड को फिर भी जबरदस्ती जनरल बनाया जा रहा है। उनकी गोपी वाली गामड़ी, विकास कॉलोनी में कोई सर्व के लिए गया ही नहीं। अगर सर्वे हुआ है तो उन्हें प्रूफ दिखाया जाएगा। सर्वे दोबारा से होना चाहिए।

फूसगढ़ के दो भाग कर दिए, वोटर एक वार्ड में करें

पूर्व सरपंच सुरेश, गुरमीत, अशोक, जयपाल, नरेश, सन्नी, सतबीर आदि ने कहा कि फूसगढ़ के दो भाग कर दिया है। टिकड़ा कॉलोनी 50 सालों से फूसगढ़ के साथ है। फूसगढ़ को वार्ड दो से तीन में कर दिया और टीकड़ा कॉलोनी को वार्ड-2 में कर दिया। यहां की जनसंख्या 960 दिखाई गई, जबकि वोटर एक हजार हैं। अब अधिकारी कहते हैं इस बारे में पहले क्यों नहीं बताया।

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