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संस्थाओं ने रात को चलाया सफाई अभियान उनके जाते ही सड़कों पर फिर से डाला कचरा

3 वर्ष पहले
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नगर निगम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सड़कों और कॉलोनियों में रखे सफाई के कंटेनर ओवरफ्लो होकर कूड़ा सड़कों पर बिखर रहा है। नगर निगम सफाई के प्रयास में लगा है, लेकिन वीआईपी रोड और अफसरों की कोठियों पर ही प्रयासों का आउटपुट नजर आता है। शहर की अन्य सड़कों और काॅलोनियों में सड़कों पर डस्टबिन और कंटेनर कूड़े से भरने के बाद कचरा सड़काें पर डाला जा रहा है। शहर में जगह-जगह एकत्रित कचरे और उसकी समय पर लिफ्टिंग न होने से दुर्गंध आने लगी है।

उधर, नगर निगम के कर्मचारी 11वें दिन भी हड़ताल पर डटे रहे। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को सरकार के प्रति रोष जताया। कर्मचारी नेताओं ने प्रेसवार्ता के माध्यम से कहा कि ठेके पर लगे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। संघ के नेता वीरभान बिड़लान, अशोक प्रोचा आदि ने कहा कि 3-4 महीनों से ठेकेदारी के तहत लगे कर्मचारियों को वेतन न देकर उनसे बेगार करवाई जा रही है तथा पूरी तनख्वाह नहीं दी जा रही है, जो कि एसी-एसटी एक्ट के तहत अत्याचार बनता है। ईपीएफ और ईएसआई सुविधाओं से भी कर्मचारियों को वंचित रखा गया है। 500-600 कर्मचारियों ने इस बाबत संघ को एफिडेविट दिए हैं। 21 मई को नगर निगम कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचेंगे और एसपी को ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की शिकायत देंगे। शहर के लोगों ने आरोप लगाया कि नेताओं और अफसरों के यहां सफाई कर्मियों की हड़ताल का कोई असर नहीं है। इनको यहां पर सफाई लगातार हो रही है। जबकि अन्य कॉलोनियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। कचरा रोड पर आ गया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।

हर रोज जमा हो रहा 90 टन कचरा

शहर हर रोज 140 टन कचरा उगलता है, जिसमें प्रतिदिन शहर में 90 टन कचरा जमा हो रहा है। नगर निगम के प्रयासोें के बावजूद प्रतिदिन मुश्किल से 50 टन कचरा लिफ्ट हो रहा है। कचरा एकत्रित होने से शहर के लोगों की समस्या बढ़ रही है, क्योंकि घरों में रखे डस्टबिनों में दुर्गंध पैदा हो रही है। स्वच्छ शहर की सड़कें दूषित हो गई हैं। सड़कों पर पॉलीथिन और वेस्ट मेटीरियल उड़कर लोगों के घर आंगन में फैल रहा है। शहर पर्यावरण प्रदूषण की चपेट में आ रहा है। सफाई न होने से सड़कों पर उड़ती धूल भी राहगीरों के लि ए परेशानी बन रही है।

करनाल. स्वच्छता क्रांति मंच की ओर से शहर में सफाई करते समाजसेवी व संस्थाओं के सफाई करने के बाद सड़क पर फिर से डाली गंदगी। फोटो|भास्कर

ब्रांड एंबेसडरों के प्रयास भी अधूरे, सफाई पर ये दिए तर्क

सड़क पर कूड़ा न फेंकने को जागरूक कर रहे हैं

नगर निगम की ओर से हड़ताल के दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए कोई कार्यक्रम नहीं चलाया गया है। हालांकि उन्होंने अपने स्तर पर अपने आस-पड़ोस की गलियों में लोगों को सड़क पर कूड़ा न फेंकने को कहा गया है।\\\' -रिद्धी फोर, एशियन कप में ब्रांच मेडल विजेता एवं ब्रांड एंबेसडर नगर निगम करनाल।

सामाजिक संस्थाओं के साथ चलाया अभियान

शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सामाजिक संस्थाअों के साथ मिलकर रात को सफाई अभियान चलाया गया है। कर्मचारी नेताओं से भी बात की गई, लेकिन वे प्रेस्टिज इश्यू बना रहे हैं। उधर, नगर निगम भी ध्यान नहीं दे रहा है। ठेकेदारों से कहा है जैसे भी सफाई व्यवस्था करें।\\\'-सुभाष चंद्र, उपाध्यक्ष स्वच्छ भारत मिशन एवं ब्रांड एंबेसडर।

हम खुद कर रहे शहर में सफाई रखने के प्रयास

खुद शहर में सफाई रखने के प्रयास कर रहे हैं। शनिवार को भी उन्होंने घंटाघर पर सफाई अभियान चलाया है। जितना संभव हो सकता है, वे शहर को साफ रखने की कोशिश कर रहे हैं। शहर में सफाई की समस्या है, लेकिन अब कचरे का उठान शुरू हो गया है। लोगों से भी यहीं कहा जा रहा है, वे सड़क पर कचरा न फेंके।\\\'-विकास कथूरिया, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर नगर निगम करनाल।

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