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सेल-परचेज के बिल में जीएसटी नंबर नहीं डालने वाले 50% व्यापारियों का इनपुट रुका

3 वर्ष पहले
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व्यापारियों की तरफ से सामान के सेल परचेज के बिल में जीएसटी नंबर दर्ज नहीं करने की वजह से जिले के 50 प्रतिशत व्यापारियों का इनपुट रुक गया है। जब तक सेल-परचेज के बिलों में जीएसटी रिटर्न के अनुसार सेम नहीं होंगे तब तक इनपुट नहीं मिल सकता।

व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी पोर्टल शुरू हुए सालभर हो गया है, लेकिन आज भी इसमें तकनीकी खामियों के कारण व्यापारी परेशान हैं। एक समस्या है कि जीएसटी रिटर्न में किसी प्रकार की गलत इंट्री होने पर सुधार का कोई ऑप्शन नहीं है। दूसरी परेशानी है कि सेल-परचेज में किसी एक व्यापारी ने भी गलती की है तो परिणाम दोनों को भुगतने पड़ते हैं। एक व्यापारी को इनपुट नहीं मिलता और दूसरे की आगामी रिटर्न में बैलेंस खड़ा हो जाएगा। 20 मई रिटर्न की अंतिम तारीख है, पोर्टल बंद है। ऐसे में शनिवार दोपहर को ही सरकार की तरफ से रिटर्न फाइल करने के दो दिन और अतिरिक्त मिल गए हैं। अब 22 मई तक रिटर्न भर सकते हैं। 22 मई के बाद रोजाना 50 रुपए प्रति रिटर्न फीस लगेगी। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी में सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन रखना पड़ता है। इसलिए कंप्यूटर पर मिसटेक हो जाती है। पोर्टल पर किसी प्रकार की त्रुटि होने पर सुधार का ऑप्शन दिया जाना चाहिए।

अंतिम तारीख को पोर्टल बंद होने से 22 मई तक कर सकते हैं फाइल समिट

जीएसटी के कारण व्यापारियों को परेशानी

सेल टैक्स से संबंधित एडवोकेट संजय मदान बताते हैं कि उनके पास एक फर्म का केस आया है। इसमें एक करोड़ का माल खरीदा गया। इस पर 28 प्रतिशत जीएसटी है, जिनसे माल खरीदा गया उन्होंने रिटर्न में खरीददार का जीएसटी नंबर दर्ज नहीं किया। इस कारण उसको माल पर मिलने वाला इनपुट नहीं मिला। इसलिए खरीददार ने उसकी पेमेंट रोक ली है। उनसे बहस चल रही है कि जब रिटर्न सही हो जाएगी, तब पैसा पूरा अदा करेगा।

60% व्यापारियों का पुराना रिकॉर्ड भी नहीं अपडेट

जिले के 60 प्रतिशत व्यापारियों की परेशानी है कि उनका पुराना रिकॉर्ड भी अपडेट नहीं है। वर्ष 2015-16 व 2016-17 के वैट से मिलने वाले इनपुट पर उनकी कागजी प्रक्रिया में डिफरेंस आया है। व्यापारियों को इसका रिकॉर्ड अपडेट करवाना भी जरूरी है। इसमें भी वैट से संबंधित रिटर्न सेल और परचेज करने वालों की सेम होनी चाहिए।

जीएसटी स्मूथली चल रहा है। यदि रिटर्न में किसी व्यापारी ने जीएसटी नंबर दर्ज नहीं किया है तो उसको आगामी रिटर्न में करना होगा। जब तक सेल-परचेज करने वाले व्यापारियों की रिटर्न उक्त माल की सेम रिटर्न नहीं होती तब तक उस पर इनपुट नहीं मिल सकता। रिटर्न करने के दो दिन का टाइम बढ़ गया है।-रोहताश कुमार, नोडल ऑफिसर जीएसटी, करनाल।

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