समाजसेवी मराठा सुुनील सगवाल स्टौंडी ने कहा कि लड़कियों को बचाने के लिए डाॅक्टर आगेे आए। इसके लिए सबसे बड़ी जरूरत है कि लोग अपनी मानसिकता बदले, क्योंंकि जब तक मानसिकता नहीं बदलेगी तब तक लड़कियों व लड़कों को बराबरी का दर्जा नहीं दिया जा सकता। इस दिशा में नर्स और एएनएम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विर्क अस्पताल के सभागार में कन्या भ्रूण हत्या पर सगवाल ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक ऐसी सामाजिक बुराई है जिसने सामाजिक जीवन को ही खतरे में डाल दिया।
विर्क अस्पताल के डाॅ. बलबीर सिंह विर्क ने कहा कि भारत में बढ़ती कन्या भ्रूूण हत्या एक चिंता का विषय है। जोकि आगेे जाकर देश में कई तरह के जुर्म को जन्म देगा। हम सब बेटियों को बेटों के समान दर्जा देने की मुहिम छेड़े ओर समाज में जन संतुलन बनाने में एक खास रोल निभाए।