हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से दोपहर बाद दसवीं कक्षा का रिजल्ट घोषित किया गया। इस बार जिले का पास प्रतिशत 44.99 प्रतिशत दर्ज हुआ। पिछले साल के मुकाबले 3.66 प्रतिशत विद्यार्थी अधिक पास हुए। जिले में तीन हजार शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं, जिसका खामियाजा विद्यार्थी भुगत रहे हैं। परीक्षा परिणाम में जिले का एक भी विद्यार्थी बोर्ड की टॉप टेन लिस्ट में शामिल नहीं हो पाया है। जिले में शिक्षकों के कुल 8500 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से केवल 5500 पदों पर टीचर तैनात हैं। इसके अलावा अभी जिले में तीन हजार टीचरों की जरूरत है, जिसको शिक्षा विभाग अभी तक पूरा नहीं कर पाया है। जिला शिक्षा अधिकारी का पद भी पिछले सात माह से खाली पड़ा हुआ है। इसके साथ ही जिले में ब्लॉक के पांच बीईओ घरौंडा, नीलोखेड़ी, निसिंग, असंध, इंद्री बड़े पद भी कई सालों से खाली पड़े हैं, जिसके कारण प्रिंसिपल को बीईओ का पद चार्ज दिया हुआ है। हालांकि पिछले साल का जिले का 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 41.35 प्रतिशत था, जोकि इस बार बढ़कर 44.99 प्रतिशत हो गया है। प्रदेश में पिछले साल जिले का 18वां स्थान था, इस बार परीक्षा परिणाम सुधर कर 17वें स्थान पर आ गया। जिले से इस बार कुल 19575 बच्चों ने परीक्षा दी, जिसमें से केवल 8807 विद्यार्थी पास हो पाए, 719 विद्यार्थियों ने कंपार्टमेंट और 10050 विद्यार्थी फेल हुए हैं। इस बार भी लड़कियां परीक्षा में अव्वल रही हैं, परीक्षा में 48.81 प्रतिशत लड़कियां पास हुई, जबकि पिछले साल 46.33 प्रतिशत के मुकाबले ढाई प्रतिशत छात्राएं अधिक पास हुई हैं। इस बार जिले में पिछले साल के मुकाबले तीन प्रतिशत अधिक लड़के पास हुए हैं, लड़कों का पास 41.46 प्रतिशत रहा है। जबकि पिछले साल लड़कों का 37.05 प्रतिशत रहा था। जबकि पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 17263 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें 9257 छात्र, 8006 छात्राएं शामिल थी। परीक्षा में कुल 7139 विद्यार्थी पास, 895 कंपार्टमेंट और 9229 परीक्षार्थी फेल हुए।
जिले में 3 हजार शिक्षकों के पद रिक्त, बोर्ड की स्टेट टॉपर लिस्ट से बाहर रहा सीएम सिटी
पिछले साल से 3.66% अधिक विद्यार्थियों ने की परीक्षा उत्तीर्ण
करनाल. दसवीं की परीक्षा के परिणाम आने पर खुश राजकीय कन्या स्कूल प्रेम नगर की छात्राएं।
4223 छात्र व 4584 छात्राएं हुई पास
कक्षा दसवीं की परीक्षा में कुल 10185 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें 4223 विद्यार्थी ही पास हो पाए हैं। इसके साथ ही 9331 कुल छात्राओं ने परीक्षा दी, जिनमें से केवल 4584 छात्राएं पास हो पाई हैं। इस बार छात्रों का रिजल्ट 41.46 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कियों का पास प्रतिशत 48.81 आया।
जिले से इस बार कुल 19575 बच्चों ने परीक्षा दी, जिसमें से केवल 8807 विद्यार्थी पास हो पाए, 719 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट और 10050 विद्यार्थी फेल हो गए
मैथ, हिंदी के मुकाबले विज्ञान में रहे पीछे
कक्षा दसवीं के रेगुलर विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में मैथ व हिंदी के मुकाबले परीक्षार्थी विज्ञान में पीछे रहे। हिंदी में 84.53 प्रतिशत, मैथ में 67.78 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए। इसके मुकाबले में साइंस में 65.64 प्रतिशत, सामाजिक विज्ञान में 63.84 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए।
प्राइवेट परीक्षार्थियों ने रेगुलर विद्यार्थियों को पछाड़ा
प्राइवेट परीक्षार्थियों ने परीक्षा परिणाम में रेगुलर विद्यार्थियों को पछाड़ दिया। प्राइवेट 566 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें 381 विद्यार्थी पास हो पाए हैं। प्राइवेट का पास प्रतिशत 67.31 रहा है। इसके मुकाबले में रेगुलर 19576 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें 8807 विद्यार्थी ही पास हो पाए हैं।
घर बैठे 47% परीक्षार्थी इंग्लिश में हुए पास
घर बैठकर प्राइवेट विद्यार्थी के तौर पर परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में से 47 प्रतिशत विद्यार्थी इंग्लिश में पास हो रहे हैं। राजकीय स्कूलों में इंग्लिश विषय को कठिन माना जाता है, लेकिन प्राइवेट तौर पर 2256 विद्यार्थियों ने परीक्षाएं दी, जिसमें 1064 विद्यार्थी इंग्लिश विषय को आसानी से पास कर गए।