स्वामी शिव स्वरूप ने कहा कि दुनिया की हर औरत की इज्जत करनी चाहिए, क्योंकि हर किसी से तुम्हारा किसी न किसी प्रकार का नाता जुड़ा है। एक तुम्हें दुनिया में लेकर लाई है दूसरी अोर एक सारी दुनिया छोड़कर तुम्हारे पास आई है। वे श्री सनातन धर्म मंदिर में पुरुषाेत्तम कथा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।
स्वामी शिव स्वरूप लोगों को जीवन का सही मूल्य समझा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जी ने कहा है कि किसी दूसरे व्यक्ति के दुखों से अगर तुम्हें दुख होता है तो समझ जाओ कि तुम्हारा मनुष्य जीवन रूप सफल हुआ। मनुष्य को एक-दूसरे के सुख-दुख में भागीदार बनना चाहिए, लेकिन वर्तमान जीवन में ऐसा नहीं हो रहा। मानव प्राणी मन ही मन दूसरों को कोसते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन अगर सत्य पर आधारित हो तो तुमने जीवन में आकर कोई भूल नहीं की है। भक्त भगवान को जिस भावना से पूजता है, भगवान भी उसे उसी भाव से स्वीकार करते हैं। भगवान तो केवल मनुष्य की भक्ति के दीवाने हैं। भगवान को याद करने का कोई निश्चित समय या मुहूर्त नहीं है। उन्हें तो हर समय श्रद्धा भाव से याद किया जाता है। प्रत्येक व्यक्ति को केवल एक बार ही मनुष्य जीवन मिला है। उसे केवल अच्छे कर्म करके प्रभु को प्रसन्न करने का प्रय| करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कलयुग में हमें धर्म-कर्म से जुड़े रहना चाहिए। क्योंकि अनजाने में भी मनुष्य से गलतियां हो जाती हैं। ऐसे में धार्मिक कार्यों से जुड़े रहने से गलतियों को सुधारा जा सकता है।