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कलयुग में प्रभु नाम जप की महिमा अपार है

3 वर्ष पहले
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भजनों पर महिलाओं ने नृत्य किया।

भास्कर संवाददाता | कसरावद

आदर्श नगर महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित सात दिनी संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का मंगलवार को समापन हुआ। अंतिम दिन व्यासपीठ से 15 वर्षीय पं. संकल्प हरीश चौकड़े ने प्रभु श्रीकृष्ण के 16108 विवाह व श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन का मार्मिक वर्णन किया। साथ ही राजा परीक्षित के मोक्ष व मार्कंडेय ऋषि को वटपत्र में दर्शन देने की कथा भी सुनाई।

पं. चौकड़े ने कलियुग का वर्णन करते हुए कहा प्रभु नाम जपने की महिमा अपरंपार है। यही कलयुग में सबकी वैतरणी को पार लगाएगी। कथा समापन के पहले भजन “राधा का नाम अनमोल बोलो राधे-राधे’ पर पंडाल में महिलाओं ने नृत्य किया। भजन “सात दिनों का साथ था तुम्हारा-हमारा’ गाकर सात दिनों की कथा के दौरान हुई त्रुटियों के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने जब कहा मुझे अपना छोटा बालक समझकर माफ कर देना तो अधिकांश श्रद्धालुओं की आंखें भर आई। महाआरती मुख्य यजमान पार्षद संतोषी श्याम यादव व शांतिलाल यादव ने की। महाप्रसादी का वितरण राधेश्याम यादव, प्रकाश कर्मा व नरेंद्र पाटीदार ने किया।

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