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दस नाबािलगों के विवाह रुकवाए बहरोड़ में बेटी के पिता को हार्ट अटैक

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज| अलवर/रैणी/बहरोड़

आखातीज पर जिला प्रशासन ने 10 बाल विवाह रुकवाते हुए पुलिस के जरिए परिजनों को बाल विवाह नहीं करने के लिए पाबंद किया। महिला अधिकारिता के सहायक निदेशक ने बताया कि अलवर के बख्तल की चौकी व बरखेड़ा तहसील में जांच के दौरान हो रहे विवाह नाबालिगों के पाए गए, इन्हें पाबंद किया गया। इसके अलावा लक्ष्मणगढ़ के घाट, कठूमर व गजपुर, थानागाजी के नारायणपुर, डेरा व बाछड़ी, बहरोड़ व मुंडावर के पेहल व कोटकासिम के लाडपुर में बाल विवाह रुकवाकर परिजनों को पाबंद किया गया।

बहरोड़ के नासरपुर में बेटियों पिता को हार्ट अटैक आ गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इनमें बड़ी लड़की की उम्र शैक्षणिक रिकार्ड में 17 वर्ष 9 माह और छोटी की 16 वर्ष पाई गई। हालांकि कार्ड पर बड़ी बेटी का नाम ही लिखा गया था। कार्रवाई के समय घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे। अचानक पुलिस व प्रशासन का लवाजमा देख वहां खलबली मच गई। अधिकारियों ने टैंट, हलवाई और डीजे आदि हटवा परिजनों को पाबंद किया। दोनों बहनों की शादी खेतड़ी निवासी सगे भाइयों से होनी थी। तहसीलदार हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि दो नाबालिगों के विवाह की सूचना पर नासरपुर गांव में रामवतार नायक के घर पहुंचे। यहां नाबालिग की शादी खेतड़ी के गांव हरड़िया निवासी विक्की पुत्री लालचंद नायक के साथ होने का कार्ड मिला। परिजनों एवं रिश्तेदारों से पूछताछ में पता चला कि एक नहीं दो लड़कियों के फेरे आखातीज की शाम को होने हैं। शैक्षणिक दस्तावेज और आधार कार्ड की जांच में पता चला कि बड़ी लड़की की उम्र 17 साल 9 माह और छोटी की 16 साल है। शादी योग्य उम्र नहीं होने से गांव नारेड़ा कलां निवासी हलवाई विनोद शर्मा पुत्र मुसद्दीलाल शर्मा, टैंट वाले नितिन शर्मा पुत्र पप्पूलाल शर्मा, पंडित हरिशंकर पुत्र रामवतार शर्मा तथा लड़की के ताऊ चन्द्रभान को शादी नहीं करने के लिए पाबंद किया। महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुधीर यादव, एबीईईओ रामानंद यादव, पटवारी नरेन्द्र कुमार तथा निंभोर चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर किशनलाल कार्रवाई में शामिल थे।

पिता की तबीयत हुई खराब : पुलिस व प्रशासन की टीम सुबह करीब 10 बजे रामवतार के घर पहुंची तो महिलाएं गीत गा रहीं थी। डीजे लगा था और हलवाई के यहां खाना बनाने का काम चल रहा था। शादी को लेकर घर में खुशी का माहौल बना हुआ था। अचानक पुलिस व प्रशासन का लवाजमा आया देख और बेटी की शादी रुकवाने आए होने की बात सुन रामवतार को सदमा लगा और वह गिर पड़ा। उसे सरकारी वाहनों से अस्पताल ले जाया गया। जहां से इलाज के लिए निजी अस्पताल और वहां से जयपुर रैफर कर दिया गया। ग्रामीणों एवं शादी में शामिल होने के लिए आए रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही।

बहरोड़. नासरपुर में शादी नहीं होने देने के लिए बैठे पुलिस अधिकारी व मौजूद ग्रामीण।

माता-पिता अनपढ़, स्कूल में कम लिखवा दी थी उम्र

नाबालिगों के बड़े भाई विष्णु ने बताया कि उनके माता व पिता दोनों ही अनपढ़ हैं। पिता रामवतार दिहाड़ी मजदूरी पर रंग-पेंट का काम करता है। वे चार भाई बहन हैं। पिता ने स्कूल में एडमिशन कराया तो चारों की उम्र किसी के कहने से एक साल कम करवा के लिखवा दी। जबकि बहनों का जन्म 1998 व 1999 का था।

मां की हो चुकी है माैत पिता ने तय दी शादी, चाचा ने की िशकायत

भास्कर न्यूज | रैणी

अक्षय तृतीया पर गांव कोडिया में दो नाबालिग बहनों की शादी करने की शिकायत पर पुलिस ने देर रात्रि गांव कोडिया पहुंच कर शादी को रुकवा दिया और शादी नहीं करने के लिए उनके माता पिता को पाबंद किया। इस संबंध में लड़कियों के चाचा की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई थी। थाना प्रभारी बनवारी लाल मीणा ने बताया कि गांव कोडिया के अजय सिंह बैरवा ने उसकी दो नाबालिग भतीजी सुमन व कालू उर्फ कल्पना की अक्षय तृतीया पर शादी होने की शिकायत दी।

शिकायत पर जांच की गई तो पता चला कि सुमन के बालिग होने में अभी डेढ़ माह का समय है, जबकि कल्पना की उम्र करीब 14 वर्ष ही है। इस पर उनके पिता भगवान सहाय बैरवा को शादी नहीं करने के लिए पाबंद किया गया। पुलिस ने बताया कि दोनों बहनें पहली दूसरी तक ही पढ़ी हैं। माता का निधन हो चुका है तथा पिता मजदूरी करते हैं। वहीं शिकायतकर्ता चाचा भी मजदूरी करता है। दोनों नाबालिग लड़कियों की बारात दौसा जिले के गांव मातासूला से आनी थी।

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